केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 5 जुलाई 2016 को भारत एवं मॉरिशस के मध्य ग्रामीण विकास एवं गरीबी उन्मूलन हेतु समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की.इस समझौता ज्ञापन से मॉरिशस के प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय विकास ईकाई एवं भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय के बीच तालमेल स्थापित किया जा सकेगा.
यह समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर की तिथि से ही लागू माना जायेगा.
विशेषताएं
• यह समझौता ज्ञापन दोनों देशों को आपसी लाभ के आधार पर ग्रामीण विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग हेतु प्रोत्साहित करेगा.
• ग्रामीण विकास में सहयोग हेतु एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
• समझौता ज्ञापन के तहत, दोनों देशों ने समन्वय और उचित तकनीकी सहयोग की सुविधा के लिए सहमति व्यक्त की जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं –
i. इस समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों को पूरा करने में सहायक भारतीय विशेषज्ञ संस्थाओं का उपयोग करने की छूट.
ii. ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सहयोग हेतु प्रासंगिक सूचना एवं पत्रों का आदान-प्रदान. इसमंं वैज्ञानिक एवं तकनीकी सूचना एवं नीतियों की जानकारी आदि भी शामिल होगी.
iii. दोनों देश आपसी हितों के मुद्दों की जानकारी भी साझा करेंगे.
पृष्ठभूमि
यह समझौता ज्ञापन दोनों देशों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों ही देशों की जनसंख्या का एक बड़ा भाग गरीबी में रह रहा है. समाज का यह तबका जीवनयापन के लिए कृषि पर निर्भर है.
भारत और मॉरिशस के मध्य गरीबी उन्मूलन के लिए संयुक्त प्रयास किये जाने हेतु एजेंडा काफी समय से चर्चा में था.
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