केंद्रीय केबिनेट ने संघ लोक सेवा आयोग और भूटान के शाही सिविल सेवा आयोग के बीच समझौता ज्ञापन का अनुमोदन किया-(02-JUL-2016) C.A

| Saturday, July 2, 2016
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जून 2016 को संघ लोक सेवा आयोग और भूटान के रॉयल सिविल सेवा आयोग के मध्य किए गए समझौता ज्ञापन का अनुमोदन कर दिया. केन्द्रीय मंत्रिमंडल की इस बैठक की अध्य‍क्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की.
समझौता का उद्देश्य-
  • समझौता ज्ञापन का प्रयोजन आरसीएससी और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के बीच मौजूदा संबंधों को और सुदृढ़ बनाना है.
  • इसमें अनुभवों और विशेषज्ञता का परस्पर आदान-प्रदान करने का भी प्रावधान है.
इसके अंतर्गत निम्नांशकित क्षेत्रों में सहयोग किया जायेगा - 

a) सिविल सेवा मामलों में अनुभव और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान.
इसके अंतर्गत भर्ती एवं चयन, ज्ञानवान व्यक्तियों की सेवाओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के व्यायवसायिक कौशल में वृद्धि जैसे मामलों में सहयोग शामिल है.

b) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के प्रयोग में विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, कंप्यूरटर आधारित भर्ती परीक्षाएं, तेजी से परीक्षण के लिए एकल विंडो चयन प्रणाली आदि शामिल है. 

c) प्रत्यायोजित अधिकारों के अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती में विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रक्रियाओं और प्रविधियों की जांच के लिए अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों में अनुभवों का आदान-प्रदान करना.
d) रिकॉर्डों, भंडारों का डिजिटलीकरण और ऐतिहासिक रिकॉर्डों को प्रदर्शित करना. 

पृष्ठ भूमि-

अतीत में यूपीएससी ने कनाडा और भूटान के लोक सेवा आयोगों के साथ भी  समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए.

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