रसायनिक
पदार्थ ‘स्टेरॉयड’
(Steroid) के दुरुपयोग की निगरानी हेतु भारतीय त्वचा, कुष्ठ व यौन रोग विशेषज्ञ संघ (आइएडीवीएल) ने जुलाई 2014 के प्रथम सप्ताह में राष्ट्रीय स्तर पर 20 सदस्यीय
टास्क फोर्स का गठन किया. यह 20 सदस्यीय दल ‘स्टेरॉयड’ के दुरुपयोग से बढ़ते खतरों पर नजर
रखेगा और इससे संबंधित साक्ष्य जुटाएगा.
‘स्टेरॉयड’ के दुरुपयोग की निगरानी हेतु गठित जांच दल को आइएडीवीएल टास्क फोर्स अगेंस्ट टॉपिकल स्टेरॉयड एब्यूज (इटाट्सा) नाम दिया गया. इटाट्सा हेतु डॉ. कौशिक लाहिड़ी को अध्यक्ष और डॉ. अबीर सारस्वत को संयोजक बनाया गया. ‘स्टेरायड एब्यूज फोरम’ के उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. अरविंद सिंह और आइएडीवीएल की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रश्मि सरकार भी इस टीम में शामिल हैं.
स्टेरॉयड एवं इसके दुरुपयोग से संबंधित मुख्य तथ्य
स्टेरॉयड क्रीम के रूप में बाजार में उपलब्ध है. इसे ‘सोरियासिस’ व ‘एग्जिमा’ जैसे गंभीर त्वचा रोगों के निदान के लिए प्रयोग किया जाता है. स्टेरॉयड क्रीम से तात्कालिक तौर पर कील मुंहासे भी खत्म हो जाते हैं. ऐसे में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है. कीमतें कम होने से यह हर आय वर्ग की पहुंच में हैं. इसके साथ ही साथ इसपर पाबंदी न होने से इसे कोई भी खरीद सकता है. नियमों में ढील का लाभ क्रीम निर्माता कंपनियां उठा रहीं हैं, जहां मुंहासा, काला धब्बा, फेयरनेस व चेहरे पर चमक लाने हेतु इसका उपयोग किया जा रहा.
स्टेरॉयड का त्वचा पर दुष्प्रभाव
स्टेरायड युक्त गोरेपन वाली क्रीम तत्काल भले रंगत बदल देती है लेकिन त्वचा पर इसका दुष्प्रभाव ज्यादा होता है. इससे चेहरे की त्वचा बेहद पतली व धूप-प्रदूषण के प्रति संवेदनशील हो जाती है. जलन व लालिमा के साथ चेहरे पर भी बाल आने लगते हैं.
‘स्टेरॉयड’ के दुरुपयोग की निगरानी हेतु गठित जांच दल को आइएडीवीएल टास्क फोर्स अगेंस्ट टॉपिकल स्टेरॉयड एब्यूज (इटाट्सा) नाम दिया गया. इटाट्सा हेतु डॉ. कौशिक लाहिड़ी को अध्यक्ष और डॉ. अबीर सारस्वत को संयोजक बनाया गया. ‘स्टेरायड एब्यूज फोरम’ के उत्तर प्रदेश प्रभारी डॉ. अरविंद सिंह और आइएडीवीएल की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रश्मि सरकार भी इस टीम में शामिल हैं.
स्टेरॉयड एवं इसके दुरुपयोग से संबंधित मुख्य तथ्य
स्टेरॉयड क्रीम के रूप में बाजार में उपलब्ध है. इसे ‘सोरियासिस’ व ‘एग्जिमा’ जैसे गंभीर त्वचा रोगों के निदान के लिए प्रयोग किया जाता है. स्टेरॉयड क्रीम से तात्कालिक तौर पर कील मुंहासे भी खत्म हो जाते हैं. ऐसे में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है. कीमतें कम होने से यह हर आय वर्ग की पहुंच में हैं. इसके साथ ही साथ इसपर पाबंदी न होने से इसे कोई भी खरीद सकता है. नियमों में ढील का लाभ क्रीम निर्माता कंपनियां उठा रहीं हैं, जहां मुंहासा, काला धब्बा, फेयरनेस व चेहरे पर चमक लाने हेतु इसका उपयोग किया जा रहा.
स्टेरॉयड का त्वचा पर दुष्प्रभाव
स्टेरायड युक्त गोरेपन वाली क्रीम तत्काल भले रंगत बदल देती है लेकिन त्वचा पर इसका दुष्प्रभाव ज्यादा होता है. इससे चेहरे की त्वचा बेहद पतली व धूप-प्रदूषण के प्रति संवेदनशील हो जाती है. जलन व लालिमा के साथ चेहरे पर भी बाल आने लगते हैं.
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