भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2014-15 के लिए प्रथम द्विमासिक मौद्रिक नीति जारी किया-(03-APR-2013) C.A

| Thursday, April 3, 2014
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए प्रथम द्विमासिक मौद्रिक नीति मुंबई में 1 अप्रैल 2014 को जारी किया. रेपो दर को आठ प्रतिशत पूर्ववत रखते हुए इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया.
भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2014-15 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर को पांच से छह प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया. बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में भी कोई परिवर्तन नहीं किया और इसे चार प्रतिशत ही रखा.
 
बैंकिंग तंत्र में नकदी की स्थिति में सुधार के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कॉल मनी में उधार की सीमा को घटाकर बैंकों की शुद्ध हाजिर और सावधिक देनदारियों को 0.25 प्रतिशत कर दिया जबकि 7 दिन और 14 दिन की रेपो सीमा को 0.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया.

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों को सामान्य बचत खातों और निष्क्रिय खातों में न्यूनतम जमा राशि बरकरार नहीं रखने वालों पर जुर्माना नहीं लगाना चाहिए. इसके बजाए उन खातों में जमा राशि जब तक निर्धारित न्यूनतम तक न हो जाये तब तक उनकी सेवाओं में कमी कर दी जाये.

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा, ‘मौजूदा स्थिति में नीतिगत दरों को यथावत रखना उचित होगा. सितम्बर 2013 और जनवरी 2014 में दरों में की गई वृद्धि को अर्थव्यवस्था में अपना काम करने दिया जाना चाहिए.


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