केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 अक्टूबर 2016 को स्पेशल पर्पज व्हीकल के माध्यम से एक चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण पार्क (मेडीपार्क/Medipark) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की. मेडीपार्क की स्थापना चेन्नई के बाहरी इलाके चेंगलपट्टू, कांचीपुरम जिला, तमिलनाडु में की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय की स्वीकृति दी गयी.
इस प्रयोजन हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी मिनी रत्न एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड, को चेंगलपट्टू में 330.10 एकड़ भूमि पट्टा पर आवंटित की गयी है. इस परियोजना हेतु एक संयुक्त कंपनी की स्थापना होगी जिसमें एचएलएल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक होगी.
इस प्रयोजन हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी मिनी रत्न एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड, को चेंगलपट्टू में 330.10 एकड़ भूमि पट्टा पर आवंटित की गयी है. इस परियोजना हेतु एक संयुक्त कंपनी की स्थापना होगी जिसमें एचएलएल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक होगी.
मेडीपार्क की मुख्य विशेषताएं-
- यह देश के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पहला निर्माण क्षेत्र होगा.
- इसका उद्देश्य अत्याधुनिक उत्पादों के घरेलू निर्माण और इनकी कम लागत को बढ़ावा देना है.
- मेडीपार्क परियोजना का काम कई चरणों में पूरा किया जाएगा.
- इसके पूरा होने में सात वर्ष का समय लगेगा.
- प्रथम चरण में भौतिक बुनियादी ढांचे को विकसित किया जाएगा.
- दूसरे चरण में विभिन्न विभागों की सहायता से अनुदान और ज्ञान प्रबंधन केंद्र विकसित किए जाएंगे.
- तीसरे वर्ष से प्लॉट लीज पर दिए जाएंगे.
- मेडीपार्क चिकित्सा उपकरणों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र और देश में संबद्ध विषयों के विकास के लिए योगदान देगा.
- एचएलएल चिकित्सा उपकरण और उपकरणों हेतु विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों के लिए एक पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से, निवेशकों के लिए भूमि उपलब्ध कराएगा.
- प्रारंभिक चरण में, चिकित्सा उपकरण और उपकरण से सम्बंधित उद्यमियों को रियायती दर पर उद्योग विनिर्माण हेतु भूमि उपलब्ध करी जाएगी.
- इससे स्वदेशी और घरेलू उद्योग के विकास हेतु एक मजबूत आधार बनेगा. आयात पर निर्भरता कम की जाएगी और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा प्रौद्योगिकी का विकास होगा.
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