भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी छात्रा कियारा र्निघिन ने हाल ही में गूगल साइंस पुरस्कार जीता. उन्होंने अमेरिका में वार्षिक गूगल विज्ञान मेले में यह पुरस्कार जीता.
उन्हें पुरस्कार राशि के रूप में 50,000 डॉलर (करीब 33.27 लाख रुपये) की स्कॉलरशिप मिला.
उन्होंने संतरे के छिलके का उपयोग कर सस्ते सुपर एर्ब्जोबेंट तैयार किया जो जमीन में पानी बनाए रखने में मदद करता है.
कियारा र्निघिन का यह प्रोजेक्ट "नो मोर थर्स्टी क्रॉप्स" भीषण सूखे से निपटने में मदद करेगा. वर्तमान समय में दक्षिण अफ्रीका सूखे का सामना कर रहा है.
उन्होंने सूखे का समाधान करने के लिए संतरे के छिलके तथा एवोकैडो फल के इस्तेमाल किया जिसे लोग फेंक देते हैं.
गूगल साइंस फेयर से संबंधित मुख्य तथ्य:
• गूगल साइंस फेयर एक ऑनलाइन विज्ञान प्रतियोगिता है.
• इसे गूगल, नेशनल ज्योग्राफिक, लेगो, वर्जिन,गैलेक्टिक एवं साइंटिफिक अमेरिकन द्वारा आयोजित किया जाता है.
• यह प्रतियोगिता 13 से 18 वर्ष के छात्रों के लिए विश्व स्तर पर आयोजित की जाती है.
• पहला गूगल साइंस फेयर अवार्ड कार्यक्रम जुलाई 2011 में आयोजित किया गया था.
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