केंद्र सरकार ने एसबीआइ प्रमुख अरुंधती भट्टाचार्य को एक साल का सेवा विस्तार दिया-(04-OCT-2016) C.A

| Tuesday, October 4, 2016
Arundhati_Bhattacharya
केंद्र सरकार ने 01 अक्टूबर 2016 को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य को एक साल का सेवा विस्तार दे दिया. देश के सबसे बड़े बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. छह अक्टूबर 2016 को उनकी सेवानिवृत की तिथि थी.

सेवा विस्तार 7 अक्टूबर 2016 से प्रभावी होगा. उनके सेवा विस्तार से सहयोगी बैंकों के साथ चल रहे एसबीआई के समेकन को सुचारु करने में मदद मिलेगी.
भारतीय स्टेट बैंक बोर्ड बीएमबी सहित पूर्व में ही 5 सहयोगी बैंकों के विलय को मंजूरी प्रदान कर चुका है. देश में वैश्विक स्तर के बड़े बैंकों को खड़ा करने हेतु यह निर्णय लिया गया.


• विलय होने वाले स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंकों के नाम-  
- स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, 
- स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, 
- स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, 
 -स्टेट बैंक ऑफ मैसूर 
- स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद 
इनमें से तीन सहयोगी बैंक शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं.

• उपरोक्त पांचों सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय के बाद भारतीय स्टेट बैंक का जो स्वरूप होगा वह दुनिया में सबसे बड़े बैंक से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा.
• नए बैंक की संपत्ति आधार 37 लाख करोड़ रुपए (555 अरब डॉलर से अधिक) होगा.
• उसकी कुल 22,500 शाखाएं होंगी और 58,000 एटीएम होंगे तथा 50 करोड़ से अधिक ग्राहक होंगे.
• स्टेट बैंक में इससे पहले उसके दो अन्य सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का विलय किया जा चुका है.
अरुंधति भट्टाचार्य के बारे में-

• अरुन्धति भट्टाचार्य का जन्म 18 मार्च 1956 को हुआ.  

• वह एक भारतीय बैंकर और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की वर्तमान अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक है.

• वह भारतीय स्टेट बैंक की पहली महिला अध्यक्ष है.

• सितंबर 1977 में उन्होंने 22 साल की उम्र में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में एसबीआई को अपनी सेवाएं देना आरम्भ किया. 

• उनके 36 साल के सेवा काल में वह अनेकों अहम पदों पर आसीन रही. उन्होंने विदेशी मुद्रा, कोषागार, खुदरा संचालन, मानव संसाधन और निवेश बैंकिंग के लिए भी कार्य किया.

• वह भारत-आधारित फॉर्च्यून 500 कंपनी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला है.

• पत्रिका फोर्ब्स ने 2016 में उन्हें दुनिया में 25 वीं सबसे ताकतवर महिला के रूप में सूचीबद्ध किया.

• फॉर्च्यून द्वारा उन्हें एशिया प्रशांत क्षेत्र में 4 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में नामित किया.

• उन्होंने 7 अक्टूबर 2013 को यह पद ग्रहण किया. उन्होंने 30 सितंबर को इस पद से रिटायर हुए श्री प्रतीप चौधरी का स्थान लिया.

• इससे पहले वह बैंक की मैनेजिंग डायरेक्टर सह चीफ फाईनैंशियल ऑफिसर थीं.

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