विश्व बैंक द्वारा 2 अक्टूबर 2016 को जारी की गयी एक रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2013 तक किये गए सर्वेक्षणों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले सर्वाधिक लोग भारत में मौजूद हैं. विश्व बैंक ने इस रिपोर्ट को पॉवर्टी एंड शेयर प्रॉसपेरिटी (गरीबी और साझा समृद्धि) शीर्षक दिया है.
रिपोर्ट के विशेष बिंदु
• वर्ष 2013 में भारत की 30 प्रतिशत जनसंख्या की औसत दैनिक आय 1.90 डॉलर से भी कम थी और विश्व के 1/3 निर्धन भारत में थे.
• रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन आय के अंतरराष्ट्रीय मानक 1.90 डॉलर से कम कमाने वाले लोगों की संख्या भारत में सबसे अधिक है.
• भारत के बाद नाइजीरिया का नंबर आता है जो विश्व में दूसरा सबसे अधिक गरीबी वाला देश है. यहां 8.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं.
• भारत में 22.4 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं जो नाइजीरिया का 3 गुना अधिक है.
• इससे पूर्व वर्ष 2012 में विश्व में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या 90 करोड़ थी जो वर्ष 2013 में घटकर 2013 रह गयी.
• ब्राजील में सबसे निचले स्तर की 40 प्रतिशत जनसंख्या की औसत आय 1819 डॉलर थी जबकि भारत में यह आंकड़ा 664 डॉलर रहा.
• वर्ष 2013 में भारत की 30 प्रतिशत जनसंख्या की औसत दैनिक आय 1.90 डॉलर से भी कम थी और विश्व के 1/3 निर्धन भारत में थे.
• रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन आय के अंतरराष्ट्रीय मानक 1.90 डॉलर से कम कमाने वाले लोगों की संख्या भारत में सबसे अधिक है.
• भारत के बाद नाइजीरिया का नंबर आता है जो विश्व में दूसरा सबसे अधिक गरीबी वाला देश है. यहां 8.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं.
• भारत में 22.4 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं जो नाइजीरिया का 3 गुना अधिक है.
• इससे पूर्व वर्ष 2012 में विश्व में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या 90 करोड़ थी जो वर्ष 2013 में घटकर 2013 रह गयी.
• ब्राजील में सबसे निचले स्तर की 40 प्रतिशत जनसंख्या की औसत आय 1819 डॉलर थी जबकि भारत में यह आंकड़ा 664 डॉलर रहा.
0 comments:
Post a Comment