उत्तर कोरिया ने 3 अगस्त 2016 को पहली बार जापान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में एक बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण किया. अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ उसका तनाव और बढ़ गया.
मिसाइल प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया में एक अत्याधुनिक अमेरिकी मिसाइल रोधी प्रणाली की प्रस्तावित तैनाती पर भौतिक कार्रवाई की धमकी दी थी.
इसके अलावा कुछ हफ्तों में दक्षिण कोरिया और अमेरिका का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास शुरू होना है. मिसाइल जापान के उत्तरी तट से करीब 250 किलोमीटर दूर जापान सागर में देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर जाकर गिरी.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का साफ उल्लंघन बताया जिनमें उत्तर कोरिया पर बैलेस्टिक मिसाइल तकनीक के उपयोग पर पाबंदी लगाई गई है.
यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया की मिसाइल सीधे जापानी जलक्षेत्र में दागी गई है. इससे पहले 1998 में दूसरे चरण की मध्यम दूरी की मिसाइल जापान के उपर से दागी गई जो जापान के प्रशांत महासागर के तट पर विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर आगर गिरी थी.
उत्तर कोरिया द्वारा जनवरी 2016 में किये गये चौथे परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उस पर कई प्रतिबंध लगाये थे लेकिन उनका उल्लंघन कर वह इस साल कई परमाणु परीक्षण कर चुका है.
इससे पहले 19 जुलाई 2016 को उसने तीन बैलेस्टिक मिसाइल छोड़े थे जिसमें एक रोडोंग भी था.
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