केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में चार शहरों के हवाई अड्डों के विकास हेतु चार सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए-(06-JUL-2016) C.A

| Wednesday, July 6, 2016
भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एआईआई) ने 05 जुलाई 2016 को उप्र सरकार के साथ क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत राज्य में नौ हवाई अड्डों को विकसित करने हेतु समझौता किया.
इस सम्बन्ध में नागरिक उड्डयन राज्‍यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने राजधानी में घोषणा की ‍कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आरसीएस के तहत आगरा, इलाहाबाद, कानपुर और बरेली के लिए उड़ानें डेढ़ महीने में शुरू हो जायेंगी.
क्षेत्रीय संपर्क योजना के मुख्य तथ्य-
  • इन हवाई अड्डों के विकास हेतु केंद्र सरकार कुल 400 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी.
  • इनमें आगरा और इलाहाबाद हवाई अड्डों पर परिचालन अविलंब शुरू किया जाएगा.
  • केन्द्र ने कुशी नगर में हवाई अड्डे के विकास हेतु राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं.
  • इसे आरआईटीईएस लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है.
  • हवाई अड्डे के एक साल में तैयार हो जाने की उम्मीद है.
  • मुरादाबाद, मेरठ और फैजाबाद में नो फ्रिल्स हवाई अड्डे बनाने के लिए वित्तीय लाभ की संभावना (फीजिबिलिटी) के अध्ययन हेतु चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.
  • इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश सरकार के दो अधिकारी शामिल हैं.
  • दिल्ली के इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे पर बढ़ते बोझ के मद्देनजर उप्र के ही ग्रेटर नोएडा के पास स्थित जेवर में हवाई अड्डे के निर्माण की फाइल अनापत्ति हेतु रक्षा मंत्रालय भेज दी गई है.
आरसीएस के बारे में-
  • केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत उड़ान को सस्ती बनाकर राज्यों के प्रमुख शहरों को हिस्सेदारी देश के अन्य शहरों से जोड़ने की है.
  • राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति में आरसीएस में हिस्सा लेने वाले राज्यों के लिए शर्तें तय की गई हैं. जिसके तहत भूमि और बुनियादी ढांचा मुफ्त मुहैया कराने के साथ ही राज्यों को एटीएफ पर मूल्यवर्धित कर भी 10 साल के लिए घटाकर 1 प्रतिशत करना होगा.
  • साथ ही बिजली, पुलिस और अग्निशमन सेवाएं भी मुहैया करानी होगी.
  • आरसीएस के तहत स्वाभाविक रूप से छोटे शहरों में हवाई अड्डों के विकास पर जोर दिया जायेगा.
  • आरसीएस के तहत मझोले तथा छोटे शहरों के लिए सस्ती कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की सरकार की योजना को अमली जामा पहनाने हेतु अन्य राज्यों के साथ भी इस तरह की बैठकों की योजना है.
  • सरकार ने शुक्रवार को आरसीएस का प्रारूप जारी किया. इसमें 201 से 225 किलोमीटर के हवाई सफर का अधिकतम किराया 177० रुपये करने का प्रस्ताव है.
  • 476 से 500 किलोमीटर तक की यात्रा (लगभग एक घंटे की उड़ान) के लिए अधिकतम किराया 2500 करोड़ रुपये रखने की बात कही गई है.
  • आरसीएस 800 किलोमीटर तक की यात्रा पर लागू होगा. 776 से 800 किलोमीटर तक के लिए अधिकतम 4070 रुपये तय किया गया है.
  • आरसीएस योजना उसी स्थिति में लागू होगी जब विमान के उड़ान भरने या उतरने वाले स्थल में कम से कम एक हवाई अड्डा ऐसा हो जहाँ वर्तमान में सप्ताह में औसतन सात शिड्यूल उड़ानें भी नहीं भरी जा रही हैं.
योजना के तहत एयरलाइंसों को होने वाले नुकसान की भरपाई के कंपनियों को केंद्र तथा राज्य सरकारें करों एवं शुल्कों में छूट के अलावा उन्हें आर्थिक क्षतिपूर्ति की भरपायी भी करेंगी.

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