केंद्रीय कैबिनेट ने 5 जुलाई 2016 को तमिलनाडु के कोलाचेल के नजदीक एनायम में एक प्रमुख बंदरगाह के निर्माण को ‘नीतिगत’ मंजूरी दे दी.
नए बंदरगाह के निर्माण के लिए विशेष प्रयोजन माध्यम संस्था (एसपीवी) का गठन किया जाएगा.
संबंधित मुख्य तथ्य:
तीन प्रमुख बंदरगाह ट्रस्ट के माध्यम से पूंजी जुटाई जाएगी, जिनमें वी. वो. चिदंबरम पोर्ट ट्रस्ट, चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट और कामारजार पोर्ट लिमिटेड शुरुआती इक्विटी योगदान करेगी.
एसपीवी इस बंदरगाह की अवसंरचना को विकसित करेगी और कनेक्टिविटी लिंक और ब्रेकवॉटर का निर्माण करेगी.
भारत में बहुत कम ही बंदरगाह हैं, जहां अंतर्राष्ट्रीय माल वाहक जहाजों के आ सकने लायक पर्याप्त ढांचा है.
वर्तमान में भारत के सभी पानी के जहाजों का यातायात कोलंबो, सिंगापुर और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाहों से संचालित किया जाता है, जिससे भारत के बंदरगाह उद्योग को सालाना 1,500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होता है.
एनायम में एक प्रमुख बंदरगाह की स्थापना से पूर्व से पश्चिम की ओर के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री यातायात में अहम भूमिका निभाएगा.
एनायम बंदरगाह से दक्षिण भारतीय निर्यातकों की लागत भी घटेगी, क्योंकि फिलहाल वे कोलंबो या अन्य दूसरे बंदरगाह पर निर्भर हैं और उन्हें अतिरिक्त हैंडलिंग शुल्क भी चुकाना पड़ता है.
इस प्रस्तावित बंदरगाह से 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा तथा इस क्षेत्र की आर्थिक सूरत बदल जाएगी.
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