नोबल शांति पुरस्कार विजेता एवं सामूहिक हत्याकांड से जीवित बचे एली वीज़ल का निधन-(04-JUL-2016) C.A

| Monday, July 4, 2016
Elie Wieselनोबल शांति पुरस्कार विजेता एवं यहूदी सामूहिक हत्याकांड से जीवित बचे एली वीज़ल का 2 जुलाई 2016 को न्यूयॉर्क में निधन हो गया. वे 87 वर्ष के थे.

वीज़ल ने अपनी पुस्तक, नाईट, में अपने परिवार को नाज़ी कैंप में भेजने का विवरण दिया है. 

एली वीज़ल

•    एली वीज़ल एक अमेरिकन यहूदी लेखक, प्रोफेसर एवं राजनैतिक कार्यकर्ता थे.

•    उन्होंने अधिकतर फ्रेंच एवं इंग्लिश में पुस्तकें लिखी हैं.

•    उन्होंने कुल 57 पुस्तकें लिखीं जिसमे नाईट उनकी सबसे अधिक प्रसिद्ध पुस्तक है, इस पुस्तक में उन्होंने ऑशविट्स एवं बुचेनवाल्ड नाज़ी कैंप में बंधक के रूप में अपने अनुभवों को लिखा है.

•    वे अपने जीवनकाल में यहूदी मुद्दों से जुड़े रहे एवं उन्होंने वाशिंगटन में यूनाइटेड स्टेट्स होलोकास्ट मेमोरियल म्यूजियम बनवाने में मदद की.

•    उन्हें लॉस एंजलिस टाइम्स द्वारा अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण यहूदी का दर्जा दिया गया.

•    उन्हें 1986 में नोबल शांति पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया.

ऑशविट्स नाज़ी कैंप

•    उस समय एली वीज़ल केवल 15 वर्ष के थे जब उन्हें 1944 में पोलैंड स्थित नाज़ी कैंप में भेजा गया.

•    इस कैंप में उनकी मां एवं बहन को मार दिया गया.

•    बाद में वीज़ल एवं उनके पिता को दूसरे कैंप में भेज दिया गया.

•    इस कैंप में उनके पिता को आठ महीने तक जीवित रखा गया लेकिन बाद में उन्हें भी मार दिया गया.

•    वीज़ल ने अपनी पुस्तक नाईट में लिखा है कि जब उन्हें पता चला कि उनके पिता को पीटा जा रहा है और वह उनकी सहायता नहीं कर पा रहा तो उसे स्वयं पर शर्मिंदगी महसूस हो रही थी.

•    उनकी बाईं बांह पर ए-7713 टैटू बनाया गया.

•    यह कैंप 11 अप्रैल 1945 को अमेरिकी सेना द्वारा समाप्त किया गया.

0 comments:

Post a Comment