भारत और ब्रिटेन के वैज्ञानिक ने 14 जून 2016 को घोषित किया की बंगाल की खाड़ी में अंडरवाटर रोबोट उतारेंगे. ये रोबोट इस बात की निगरानी करेंगे कि समुद्र की स्थितियां किस तरह मानसून को प्रभावित करती हैं. इससे वर्षा के बारे में बेहतर भविष्यवाणी करने में मदद मिल सकेगी.
ब्रिटेन के दो विश्वविद्यालयों के नेतृत्व में बंगाल की खाड़ी बाउंड्री लेअर एक्सपेरिमेंट कराया जा रहा है.
इसमें ब्रिटेन का राष्ट्रीय समुद्र-विज्ञान केंद्र (एनओसी) भी साझीदार है.
भारतीय साझीदारों में वायुमंडल एवं महासागरीय विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय जलवायु सूचना सेवा, मध्यम रेंज मौसम भविष्यवाणी के लिए राष्ट्रीय केंद्र और राष्ट्रीय महासागरीय तकनीक संस्थान शामिल हैं.
वैज्ञानिकों को लेकर भारतीय अनुसंधान पोत सिंधु साधना 24 जून 2016 को चेन्नई से रवाना होगा.
समुद्र में पहुंचने के बाद समुद्र की विशेषताओं का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक सात अंडरवाटर ग्लाइडरों को छोड़ेंगे. ये ग्लाइडर तापमान, खारापन और धारा का आकलन करेंगे.
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