स्वीडन ने 22 जून 2016 को इलेक्ट्रिक रोड के एक खंड का उद्घाटन किया जिस पर अभी शोध किया जा रहा है. इसके साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही के लिए इलेक्ट्रिक रोड बनाने वाला स्वीडन विश्व का पहला देश बना.रोड ई-16 पर यह टेस्ट किया गया. इसमें एक ट्रक के ऊपर केबल लगाकर उसे हाइब्रिड इलेक्ट्रिक मोटर के साथ जोड़ा गया जिससे विद्युत् प्रवाह के साथ ट्रक को खींचा गया.
इलेक्ट्रिक रोड
• वर्ष 2018 तक इस संदर्भ में टेस्ट चलते रहेंगे.
• इससे इलेक्ट्रिक रोड की कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिलेगी.
• इससे भविष्य में इस तकनीक की उपयोगिता का पता चल सकेगा.
• यह प्रयोग सरकार द्वारा उर्जा संरक्षण एवं 2030 तक ईंधन मुक्त वाहन प्रणाली बनाने के लक्ष्य की ओर एक कदम है.
तीन सरकारी एजेंसियां इस परियोजना के लिया पूंजी लगा रही हैं. यह कम्पनियां हैं –
• स्वीडिश ट्रांसपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन: यह सरकारी एजेंसी है तथा देश में रोड, रेल, शिपिंग तथा वायुयान प्रणाली की सुविधा मुहैया कराने का कार्य करती है.
• स्वीडिश एनर्जी एजेंसी: यह अक्षय उर्जा के लिए कार्यरत एजेंसी है.
• विन्नोवा: यह स्वीडन की सरकारी एजेंसी है जो शोध एवं विकास कार्य करती है.
• स्वीडिश ट्रांसपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन: यह सरकारी एजेंसी है तथा देश में रोड, रेल, शिपिंग तथा वायुयान प्रणाली की सुविधा मुहैया कराने का कार्य करती है.
• स्वीडिश एनर्जी एजेंसी: यह अक्षय उर्जा के लिए कार्यरत एजेंसी है.
• विन्नोवा: यह स्वीडन की सरकारी एजेंसी है जो शोध एवं विकास कार्य करती है.
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