केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 29 फरवरी 2016 को लोकसभा में वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश किया. आम बजट 2016-17 में राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) से संबंधित निम्नलिखित घोषणाएं की गई.
• राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमान 2015-16 और बजट अनुमान 2016-17 में क्रमशः 3.9 प्रतिशत एवं 3.5 प्रतिशत पर बना रहा.
• राजस्व घाटे का लक्ष्य संशोधित अनुमान 2015-16 में 2.8 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत पर आ गया.
• कुल व्यय आयोजना के अधीन 19.78 लाख रूपये पर पूर्वानुमानित है.
• आयोजना व्यय के अधीन 5.50 लाख रूपये पर नियंत्रित रहा, जिसमें 15.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज.
• आयोजना-भिन्न व्यय 14.28 लाख करोड़ रूपये रहा.
• कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण सहित सामाजिक क्षेत्र और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष बल.
• एनएचआई, पीएफसी, आरसी, इरेडा, नाबार्ड और अंतर्देशीय जल प्राधिकरण द्वारा बांड जारी करते हुए 31,300 करोड़ रूपये तक के अतिरिक्त बिलों को जुटाना.
• आयोजना-भिन्न वर्गीकरण को 2017-18 से समाप्त करना.
• 1500 से अधिक केंद्रीय रूप से प्रायोजित स्कीमों को लगभग 300 केंद्रीय क्षेत्रों की ओर 30 केंद्रीय रूप से प्रायोजित स्कीमों को पुनर्गठित किया गया.
• एफआरबीएम अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु समिति का गठन.
• राजस्व घाटे का लक्ष्य संशोधित अनुमान 2015-16 में 2.8 प्रतिशत से 2.5 प्रतिशत पर आ गया.
• कुल व्यय आयोजना के अधीन 19.78 लाख रूपये पर पूर्वानुमानित है.
• आयोजना व्यय के अधीन 5.50 लाख रूपये पर नियंत्रित रहा, जिसमें 15.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज.
• आयोजना-भिन्न व्यय 14.28 लाख करोड़ रूपये रहा.
• कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण सहित सामाजिक क्षेत्र और अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष बल.
• एनएचआई, पीएफसी, आरसी, इरेडा, नाबार्ड और अंतर्देशीय जल प्राधिकरण द्वारा बांड जारी करते हुए 31,300 करोड़ रूपये तक के अतिरिक्त बिलों को जुटाना.
• आयोजना-भिन्न वर्गीकरण को 2017-18 से समाप्त करना.
• 1500 से अधिक केंद्रीय रूप से प्रायोजित स्कीमों को लगभग 300 केंद्रीय क्षेत्रों की ओर 30 केंद्रीय रूप से प्रायोजित स्कीमों को पुनर्गठित किया गया.
• एफआरबीएम अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु समिति का गठन.
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