वैश्विक परामर्श कंपनी पीडब्ल्यूसी की 11 जनवरी 2016 को जारी रिपोर्ट में वर्ष 2016 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार चीन से तेज होगी. भारत उभरते बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं में इस साल सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला देश होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2016 में भारत 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगा.
- चीन की अर्थव्यवस्था का ग्राफ तेजी से गिर रहा है.
- उम्मीद की जा रही है कि यह लगातार दूसरा साल होगा जब भारत की आर्थिक वृद्धि चीन की आर्थिक वृद्धि से अधिक होगी.
- यह बात वैश्विक परामर्श कंपनी पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट में कही गई है.
- रिपोर्ट के अनुसार उभरती अर्थव्यवस्थाओं में केवल भारत की ही इस वर्ष के दौरान दीर्घकालिक औसत वृद्धि दर के मुकाबले तेज वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है.
- 7 उभरती अर्थव्यवस्थाओं- चीन, भारत, ब्राजील, मेक्सिको, रूस, इंडोनेशिया और तुकी, में भारत का प्रदर्शन ही सबसे अच्छा रहने की उम्मीद है.
- ब्राजील और रूस की अर्थव्यवस्था में संकुचन व चीन की अर्थव्यवस्था में नरमी के संकेत हैं.
- पीडब्ल्यूसी को उम्मीद है कि भारत लगातार दूसरे साल चीन से ज्यादा तेजी से वृद्धि दर्ज करेगा और वास्तविक वृद्धि दर्ज करीब 7.7 प्रतिशत रहेगी.
- इस साल जी7 अर्थव्यवस्थाओं (अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा) के 2010 के बाद से पहली बार सबसे अधिक तेज वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है.
- इसके उलट 7 उभरती अर्थव्यवस्थाएं अपने रूझान के मुकाबले धीमी वृद्धि दर्ज करेंगी लेकिन जी-7 के मुकाबले फिर भी तेज रहेंगी.
- पीडब्ल्यूसी ब्रिटेन के मुख्य अर्थशास्त्री जॉन हॉक्सवर्थ ने कहा, हमें उम्मीद है कि अमेरिका में 2016 के दौरान ज्यादा तेजी से सुधार होगा जबकि ब्रिटेन में उपभोक्ता केंद्रित वृद्धि बरकरार रहेगी.
- कम से कम यूरोक्षेत्र संकट के अंत की शुरुआत की उम्मीद की उम्मीद की गयी है.
- एक समय बेहद मजबूत रहे ब्रिक्स के लिए 2016 मुश्किल वर्ष रहेगा हालांकि भारत इनमें अपवाद रहेगा.
- विनिर्माण एवं निर्यात में वृद्धि दर धीरे-धीरे कम होने के कारण 2016 में चीन की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 6.5 प्रतिशत रहेगी.
- रिपोर्ट में कहा गया कि भारत हालिया सुधार का लाभ उठाना बरकरार रखेगा. पीडब्ल्यूसी के अनुसार भारत के केंद्रीय बैंक के पिछले साल नीतिगत दर 8 प्रतिशत से घटाकर 6.75 प्रतिशत करने से इस साल खपत और निवेश के समर्थन में मदद मिलेगी
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