मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारतीय युद्धपोत के लिए छत्तीसगढ़ के भिलाई कारखाने में ही स्टील तैयार किया जाएगा. यह निर्णय 11 जनवरी 2016 को किया गया. अब तक भिलाई में भारतीय रेल के लिए स्टील का निर्माण करता था. भारतीय युद्धपोतों के लिए स्टील रूस में तैयार होता था.
- भारतीय नौ सेना के लिए सात नए पोत का निर्माण स्वदेशी तकनीक से किया जाएगा.
- इसके लिए विशेष क्वालिटी की प्लेट बीएसपी से सप्लाई की जाएगी.
- बीएसपी पोत के लिए वांछित क्वलिटी की प्लेट बनाने में सक्षम है.
- अभी तक भारतीय युद्धपोतों के लिए स्टील रूस से मंगाया जाता था.
- अगले 15 साल तक देश में तकरीबन सात युद्धपोतों का निर्माण करने का लक्ष्य है.
- इन युद्धपोतों में सेल के संयंत्रों में निर्मित हाई ग्रेड स्टील का उपयोग किया जाएगा.
- नौसेना ने सेल को इस तरह के खास प्लेटों के निर्माण का ऑर्डर भी दे दिया है. दो युद्धपोतों आईएनएस किल्टन और आईएनएस कावारत्ती के लिए निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है.
- चीफ ऑफ नेवी स्टाफ एडमिरल आरके धवन के अनुसार रूस से आयातित स्टील की कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण युद्धपोतों का निर्माण बहुत महंगा पड़ता था.
- इंडियन नेवी ने मेक इन इंडिया के तहत इस तरह के प्लेट का निर्माण देश में ही कराने का निर्णय लिया है.
- नेवी और डीआरडीओ के मार्गदर्शन में बीएसपी सहित सेल के तीन संयंत्रों में इसका उत्पादन किया जाएगा.
- बीएसपी को इस तरह की प्लेटों के निर्माण में पहले से ही दक्षता हासिल है. पोत के लिए ऑर्डर का बड़ा हिस्सा बीएसपी ही पूरा करेगा.
- कुछ प्लेटों का निर्माण राउरकेला और बोकारो में भी किया जाएगा.
बीएसपी की क्षमता-
- बीएसपी पहले से ही भारतीय नौसेना के लिए डीएमआर 249 ए ग्रेड की विशेष प्लेट बनाता रहा है.
- आईएनएस विक्रांत सहित अन्य एयरक्राफ्ट में इसका इस्तेमाल किया गया है. भारतीय नौसेना की भविष्य की योजनाओं के अनुरूप बीएसपी सहित सेल की अन्य इकाइयां हाई ग्रेड स्टील उत्पादन के लिए सक्षम है.
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