राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 8 जनवरी 2016 को चीनी उपकर संशोधन विधेयक 2015 को मंजूरी प्रदान की. इस विधेयक में प्रति क्विंटल 25 से 200 रुपये इम्पोस्ट लगाया गया है जिससे गन्ना किसानों को राहत प्राप्त होगी.
यह विधेयक लोक सभा द्वारा 15 दिसंबर 2015 को पारित किया गया. राज्य सभा सदस्यों ने 23 दिसंबर 2015 को इसके खिलाफ विरोध दर्ज कराया.
यह विधेयक वित्त विधेयक घोषित किया गया था जो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्वीकृति के बाद अधिनियम बन गया. राष्ट्रपति की स्वीकृति के 14 दिनों के भीतर ऊपरी सदन लोक सभा द्वारा विधेयक वापिस न लौटाए जाने के पश्चात् यह कानून बन जाता है.
यह विधेयक लोक सभा द्वारा 15 दिसंबर 2015 को पारित किया गया. राज्य सभा सदस्यों ने 23 दिसंबर 2015 को इसके खिलाफ विरोध दर्ज कराया.
यह विधेयक वित्त विधेयक घोषित किया गया था जो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की स्वीकृति के बाद अधिनियम बन गया. राष्ट्रपति की स्वीकृति के 14 दिनों के भीतर ऊपरी सदन लोक सभा द्वारा विधेयक वापिस न लौटाए जाने के पश्चात् यह कानून बन जाता है.
चीनी उपकर संशोधन विधेयक-2015
• चीनी उपकर संशोधन विधेयक-2015 द्वारा चीनी उपकर अधिनियम, 1982 में संशोधन किया गया है.
• मूल अधिनियम द्वारा चीनी के उत्पादन पर उत्पाद शुल्क के रूप में उपकर लगाया जाता है. चीनी पर समय समय पर केंद्र सरकार द्वारा उपकर लगाया जाता है. मूल अधिनियम में यह उपकर 25 रुपये प्रति क्विंटल निर्दिष्ट किया गया है.
• यह उपकर सरकार द्वारा गन्ना किसानों को बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया.
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