भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 13 जनवरी 2016 को राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी एवं प्रबंधन में प्रद्योगिकी के उपयोग के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एवं प्रौद्योगिकी उपयोग एवं अनुसंधान के लिए पूर्वोत्तर केंद्र (नेक्टार) के अंतर्गत राष्ट्रीय दूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.
इस प्रौद्योगिकी का उपयोग राजमार्ग एवं ढांचागत परियोजनाओं को इनपुट मुहैया कराने में उपयोग होगा जिससे कि निर्माण एवं सड़क परिसंपत्ति प्रणाली के तहत डीपीआर तैयार करने, सड़कों को उन्नयत करने/चौड़ीकरण करने तथा सड़क क्षेत्रों की निगरानी में मदद मिलेगी.
मानव रहित हवाई वाहन प्रौद्योगिकी का इस्तेरमाल एवं लाभ निगरानी, निर्माण प्रगति, सड़क परिसंपत्तिग प्रबंधन, आदि में उपयोगी होगा.
एनएचएआई कुछ प्रायोगिक परियोजनाओं की शुरुआत करेगा, जिसमें दोनों संगठन राजमार्ग एवं ढांचागत क्षेत्र में उपग्रह आंकड़ें एवं भूस्था निक प्रौद्योगिकी तथा यूएवी प्रौद्योगिकी के वास्तविक उपयोग एवं लाभों की पहचान करने तथा अंतिम रूप देने का काम करेंगे.
0 comments:
Post a Comment