हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 5 जून 2015
को राज्य सरकार को विकलांगों, बेघर, मानसिक रूप से पीड़ित लोगों के लिए अलग घरों के निर्माण करने का आदेश दिया.
राज्य सरकार को यह कार्य एक वर्ष में समाप्त करने का आदेश दिया गया.
कोर्ट ने प्रमुख सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) को आदेश देकर आठ सप्ताह के भीतर पर्याप्त धनराशि जारी करने का आदेश भी दिया. राज्य वृद्धाश्रमों में मौजूद सुविधाओं के स्तर का पता लगाने के लिए कोर्ट ने कल्याण निदेशक से वृद्धाश्रमों का दौरा करने के लिए भी कहा.
कोर्ट ने प्रमुख सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) को आदेश देकर आठ सप्ताह के भीतर पर्याप्त धनराशि जारी करने का आदेश भी दिया. राज्य वृद्धाश्रमों में मौजूद सुविधाओं के स्तर का पता लगाने के लिए कोर्ट ने कल्याण निदेशक से वृद्धाश्रमों का दौरा करने के लिए भी कहा.
यह भी निर्देश जारी किया गया कि यदि इन स्थानों पर पर्याप्त सुविधाएं प्रदान नहीं की जा रही तो दो सप्ताह के भीतर उन्हें उपलब्ध कराया जाए.
न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने यह निर्णय दिया. उन्होंने उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव द्वारा लिखे गए पत्र का संज्ञान लेते हुए इन आदेशों को पारित किया. अजय श्रीवास्तव ने शिमला के नजदीक बसंतपुर में वृद्धाश्रम की दयनीय स्थिति पर सवाल उठाया था.
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