केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 8 जून 2015 को दीपस्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय
(डीजीएलएल) के ‘लाईट ड्यूज’ की ऑनलाईन
वसूली प्रणाली का शुभारंभ किया. इस ऑनलाईन वसूली प्रणाली का ‘डिजीटल इंडिया’ योजना के तहत शुरुआत की गई.
सरकार के अनुसार, दीपस्तंभों और प्रायदीपों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा. दीपस्तंभों को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने के क्रम में महाबलीपुरम, चेन्नई, रामेश्वरम, कन्याकुमारी, कान्होकजी अंग्रे, कोणार्क, द्वारका, फाल्स् प्वाइंट (ओडिशा), वेरावल (गुजरात), गोपालपुर (ओडिशा), अगुआडा (गोवा), कडालुर प्वाइंट (केरल), मिनिकॉय (लक्षद्वीप), सन रॉक (मुंबई) और डॉल्फिन नोज (विशाखापत्तनम) स्थित दीपस्तंभों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया जा चुका है.
विदित हो कि भौतिक तौर पर भुगतान करना अब तक ‘लाईट ड्यूज’ के भुगतान के लिए एकमात्र तरीका था. व्यापार में आसानी को ध्यान में रखते हुए नौवहन मंत्रालय ने ई-गवर्नेंस से जुड़ी कई पहलें की हैं. सिंडिकेट बैंक को अब ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से लाईट ड्यूज की वसूली के लिए अधिकृत किया गया है. दीपस्तंभ और दीपपोत महानिदेशालय अथवा सिंडिकेट बैंक की वेबसाइट तक पहुंच कायम करके लाईट ड्यूज का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है.
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