केंद्र सरकार ने वर्ष 1981 बैच
के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हसमुख अढ़िया को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के
वित्तीय सेवा विभाग का नया सचिव 3 नवंबर 2014 को नियुक्त किया. हसमुख अढ़िया जी.एस. संधु की जगह लेंगे.
वित्तीय सेवा विभाग के नए सचिव के नियुक्त किये जाने के समय वह
गुजरात सरकार के वित्त विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थे.
वर्ष 1980 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी संधु को राष्ट्रीय रासायनिक हथियार संधि प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने हसमुख को केंद्रीय वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी.
वर्ष 1980 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी संधु को राष्ट्रीय रासायनिक हथियार संधि प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने हसमुख को केंद्रीय वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी.
पूर्व राजस्व सचिव राजीव टकरू को पूर्वोत्तर क्षेत्र विभाग में भेजे
जाने और पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम को पहले पर्यटन मंत्रालय और फिर
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में भेजे जाने के बाद वित्त मंत्रालय में यह तीसरा
सचिव स्तरीय बदलाव है. ये तबादले ऐसे समय में किए गए हैं जब वित्त मंत्रालय 2015-16
के बजट की तैयारीयों में जुटा है.
हसमुख अढ़िया के बारे में
• हसमुख अढ़िया स्वामी विवेकानंद योग विश्वविद्यालय, बेंगलुरू से योग में डॉक्टर की उपाधि और आईआईएम अहमदाबाद से स्वर्ण पदक विजेता हैं.
• हसमुख अढ़िया ने मई 2004 से मई 2006 तक गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव के रूप में सेवा की.
• हसमुख अढ़िया ने गुजरात में कर्मयोगी (एक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम) और कन्या केलावनी (महिलाओं की शिक्षा के लिए) के कार्यक्रमों की शुरुआत की.
• हसमुख अढ़िया ने प्रेरक पुस्तक माई नोट्स टू माईसेल्फ भी लिखी है.
हसमुख अढ़िया के बारे में
• हसमुख अढ़िया स्वामी विवेकानंद योग विश्वविद्यालय, बेंगलुरू से योग में डॉक्टर की उपाधि और आईआईएम अहमदाबाद से स्वर्ण पदक विजेता हैं.
• हसमुख अढ़िया ने मई 2004 से मई 2006 तक गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव के रूप में सेवा की.
• हसमुख अढ़िया ने गुजरात में कर्मयोगी (एक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम) और कन्या केलावनी (महिलाओं की शिक्षा के लिए) के कार्यक्रमों की शुरुआत की.
• हसमुख अढ़िया ने प्रेरक पुस्तक माई नोट्स टू माईसेल्फ भी लिखी है.
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