विशेषज्ञों ने कर्नाटक राज्य के हम्पी में तलवारघट्टा की पहाड़ी के
नजदीक एक गोल पत्थर पर हड़प्पा (सिंधु) युग के करीब 20 चित्रलिपि की खोज की. यह चित्रलिपि गोंडी बोली में है. तलवारघट्टा
तुंगभद्रा नदी के निकट स्थित है.
गोंडी लिपि के विशेषज्ञों ने गोल पत्थरों पर मिली इस चित्रलिपि को
हड़प्पा संस्कृति– लिपि पर आधारित लिपि के तौर पर पहचाना
है. विशेषज्ञों में नागपुर के डॉ. मोतिरावाण कांगले और प्रकाश सलामे शामिल हैं.
गोंडी बोली में आलिन( पुरुष), सारी (सड़क/ रास्ता), नील (पैडी– धान), सुक्कुम
(तारे/ बिन्दु), नूरु (प्रमुख व्यक्ति) भी शामिल हैं.
ऐसी ही चित्रलिपि छत्तीसगढ़ और बस्तर इलाके के गोटूल्स (युवाओं का शिक्षा केंद्र) की आंतरिक संरचनाओं में भी पाई गई थी.
ऐसी ही चित्रलिपि छत्तीसगढ़ और बस्तर इलाके के गोटूल्स (युवाओं का शिक्षा केंद्र) की आंतरिक संरचनाओं में भी पाई गई थी.
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