भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2014 को जम्मू और कश्मीर में 240 मेगा वाट उरी द्वितीय जल विद्युत परियोजना (एचईपी) का उद्घाटन किया. एक
अनुमान के अनुसार उरी द्वितीय परियोजना प्रतिवर्ष जल विद्युत ऊर्जा के 1124
मिलियन इकाइयां उत्पन्न करने में सक्षम हो जाएगा.
उरी द्वितीय जल विद्युत परियोजना के बारे में
उरी द्वितीय परियोजना उरी क्षेत्र में झेलम नदी पर दूसरी बिजली परियोजना है और राज्य के बारामुला जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब है. यह उरी में 480 मेगावाट एचईपी के बहाव पर स्थित है. यह वर्ष 1997 से कार्य कर रही है.
उरी द्वितीय जल विद्युत परियोजना नौ मीटर का एक ठोस गुरुत्वाकर्षण बांध है. बांध की ऊचाईं 52 मीटर और लंबाईं 157 मीटर है.
बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में, 4.23 किलोमीटर हेड रेस टनल बांध से पावर हाऊस के लिए पानी वहन करती है. जिसमें 60 मेगावाट की चार इकाइयों को 1124 मिलियन विद्युत इकाइयां उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस परियोजना का निर्माण एनएचपीसी द्वारा 2290 करोड़ रुपए में किया गया है.
जम्मू और कश्मीर एक बड़ी राशि में पनबिजली (स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा) उत्पन्न करने वाला राज्य है.
इसके अलावा, इससे पहले 4 जुलाई 2014 को प्रतिष्ठित कटरा-उधमपुर रेल परियोजना का उद्घाटन किया गया.
उरी द्वितीय परियोजना उरी क्षेत्र में झेलम नदी पर दूसरी बिजली परियोजना है और राज्य के बारामुला जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब है. यह उरी में 480 मेगावाट एचईपी के बहाव पर स्थित है. यह वर्ष 1997 से कार्य कर रही है.
उरी द्वितीय जल विद्युत परियोजना नौ मीटर का एक ठोस गुरुत्वाकर्षण बांध है. बांध की ऊचाईं 52 मीटर और लंबाईं 157 मीटर है.
बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में, 4.23 किलोमीटर हेड रेस टनल बांध से पावर हाऊस के लिए पानी वहन करती है. जिसमें 60 मेगावाट की चार इकाइयों को 1124 मिलियन विद्युत इकाइयां उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इस परियोजना का निर्माण एनएचपीसी द्वारा 2290 करोड़ रुपए में किया गया है.
जम्मू और कश्मीर एक बड़ी राशि में पनबिजली (स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा) उत्पन्न करने वाला राज्य है.
इसके अलावा, इससे पहले 4 जुलाई 2014 को प्रतिष्ठित कटरा-उधमपुर रेल परियोजना का उद्घाटन किया गया.
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