जीव
वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में जिंदा रहने में सक्षम ‘वाटर बीयर’ की खोज
की घोषणा 6 जुलाई 2014 को
मेलबर्न में की. ‘वाटर बीयर’ भीषण
गर्मी, जमा देने वाली ठंड और भारी दबाव में जीवित रहने
में सक्षम है. इसे 'अंटार्कटिका' में खोजा गया.
वैज्ञानिक ‘वाटर बीयर’ की खोज को अंतरिक्ष में जीवन तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण कामयाबी मान रहे हैं. ‘वाटर बीयर’ एकमात्र ज्ञात जीव हैं जो कि अंटार्कटिक की परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया से तकरीबन 5600 किमी दूर विक्टोरिया लैंड के भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों को इस विचित्र जीव का पता चला. वैज्ञानिक इन्हें अब तक का ज्ञात सबसे सख्त जीव मान रहे हैं.
‘वाटर बीयर’ से संबंधित मुख्य तथ्य
‘वाटर बीयर’ टार्डीग्रेड प्रजाति के सूक्ष्म जीव हैं. इनका आकार एक मिलीमीटर से भी कम है. वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मदर्शी से इनका परीक्षण करते समय पाया कि इनकी चाल काफी हद तक भालू से मिलती-जुलती है. इनके चार जोड़ी पैर हैं.
वैज्ञानिक ‘वाटर बीयर’ की खोज को अंतरिक्ष में जीवन तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण कामयाबी मान रहे हैं. ‘वाटर बीयर’ एकमात्र ज्ञात जीव हैं जो कि अंटार्कटिक की परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया से तकरीबन 5600 किमी दूर विक्टोरिया लैंड के भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों को इस विचित्र जीव का पता चला. वैज्ञानिक इन्हें अब तक का ज्ञात सबसे सख्त जीव मान रहे हैं.
‘वाटर बीयर’ से संबंधित मुख्य तथ्य
‘वाटर बीयर’ टार्डीग्रेड प्रजाति के सूक्ष्म जीव हैं. इनका आकार एक मिलीमीटर से भी कम है. वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मदर्शी से इनका परीक्षण करते समय पाया कि इनकी चाल काफी हद तक भालू से मिलती-जुलती है. इनके चार जोड़ी पैर हैं.
0 comments:
Post a Comment