‘गेटिंग इंडिया बैक ऑन ट्रैक–एन एक्शन अजेंडा फॉर
रिफॉर्म’नाम की किताब का विमोचन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
ने नई दिल्ली में 8 जून 2014 को किया.
किताब का संपादन बिबेक देबरॉय, एश्ले टेल्लिस और रेसी ट्रीवोर ने और कार्नेगी इंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस ने इसे प्रकाशित किया है.
इस किताब में प्रख्यात शिक्षाविदों और सार्वजनिक नीति के विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए व्यावहारिक निबंध हैं. इसका प्राक्कथन रतन टाटा ने लिखा है. इसमें बताया गया है कि कैसे भारतीय नीतिनिर्माता देश को उच्च और सतत आर्थिक विकास के रास्ते पर वापस ला सकते हैं.
इस किताब में भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों में भारत के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई है. वास्तव में यह किताब अगली पीढ़ी के नेताओँ और आम जनता के लिए संक्षिप्त ज्ञापन के रूप में भारत के भविष्य का एक स्पष्ट खाका ले कर आया है.
किताब का संपादन बिबेक देबरॉय, एश्ले टेल्लिस और रेसी ट्रीवोर ने और कार्नेगी इंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस ने इसे प्रकाशित किया है.
इस किताब में प्रख्यात शिक्षाविदों और सार्वजनिक नीति के विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए व्यावहारिक निबंध हैं. इसका प्राक्कथन रतन टाटा ने लिखा है. इसमें बताया गया है कि कैसे भारतीय नीतिनिर्माता देश को उच्च और सतत आर्थिक विकास के रास्ते पर वापस ला सकते हैं.
इस किताब में भारतीय अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों में भारत के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों के बारे में पता लगाने की कोशिश की गई है. वास्तव में यह किताब अगली पीढ़ी के नेताओँ और आम जनता के लिए संक्षिप्त ज्ञापन के रूप में भारत के भविष्य का एक स्पष्ट खाका ले कर आया है.
किताब में कुछ महत्वपूर्ण विषयों के बारे में चर्चा की गई है, उनमें से कुछ हैं–
• मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता का रखरखाव
• कृषि और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार
• विनिर्माण नीति पर फिर से चर्चा करना
• रोजगार सृजन
• शिक्षा और कौशल का विस्तार
• शहरीकरण और भूमि प्रबंधन के नवीकरण का प्रबंधन
• यह जल प्रबंधन और ऊर्जा नीतियों एवं मूल्य निर्धारण में सुधार की बात भी करता है.
• पर्यावरण प्रबंधन
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