विमान वाहक पोत ‘आईएनएस विक्रमादित्य’
भारतीय नौसेना के बेड़े में 14 जून 2014
को शामिल हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा तट पर इसका
औपचारिक उद्घाटन किया.
आईएनएस विक्रमादित्य को भारत ने रूस से ख़रीदा. भारत और रूस के बीच इस
विमान वाहक पोत के लिए वर्ष 2004 में समझौता हुआ
था. प्रारंभ में आईएनएस विक्रमादित्य को वर्ष 2008 में ही
भारत को सौंपने की संभावना थी, लेकिन इसके ब्वॉयल में आई
तकनीकी खामी की वजह से रूस ने इसे 2014 में भारत को सौंपा.
आईएनएस विक्रमादित्य का मूल रूप से रुसी नाम ‘एडमिनर
गोर्शकोव’ था.
आईएनएस विक्रमादित्य से संबंधित मुख्य तथ्य
आईएनएस विक्रमादित्य भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत है. यह भारतीय नौसेना में आईएनएस विराट के बाद दूसरा वायुयान वाहक पोत है. विक्रमादित्य 45300 टन भार वाला, 284 मीटर लम्बा और 60 मीटर ऊंचा युद्धपोत है. इसे रूस से 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर (14 हजार करोड़ रुपया) में खरीदा गया.
आईएनएस विक्रमादित्य से संबंधित मुख्य तथ्य
आईएनएस विक्रमादित्य भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत है. यह भारतीय नौसेना में आईएनएस विराट के बाद दूसरा वायुयान वाहक पोत है. विक्रमादित्य 45300 टन भार वाला, 284 मीटर लम्बा और 60 मीटर ऊंचा युद्धपोत है. इसे रूस से 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर (14 हजार करोड़ रुपया) में खरीदा गया.
0 comments:
Post a Comment