सब्स्टांस एंड शेडो (Substance
and Shadow): उदय तारा नायर
फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की जीवनी ‘सब्स्टांस एंड शेडो’ का 10 जून 2014 को मुंबई में आयोजित एक समारोह में लोकार्पण हुआ. दिलीप कुमार की पारिवारिक मित्र ‘उदय तारा नायर’ द्वारा लिखित इस पुस्तक को, फिल्म अभिनेता आमिर खान एवं अमिताभ बच्चन ने संयुक्त रूप से लोकार्पित किया.
फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की जीवनी ‘सब्स्टांस एंड शेडो’ का 10 जून 2014 को मुंबई में आयोजित एक समारोह में लोकार्पण हुआ. दिलीप कुमार की पारिवारिक मित्र ‘उदय तारा नायर’ द्वारा लिखित इस पुस्तक को, फिल्म अभिनेता आमिर खान एवं अमिताभ बच्चन ने संयुक्त रूप से लोकार्पित किया.
‘सब्स्टांस एंड शेडो’ में दिलीप कुमार के बचपन, करियर, परिवार एवं
जीवन के उतार-चढ़ावों के अन्य पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है.
विदित हो कि फिल्मों में आने से पहले दिलीप कुमार का नाम मुहम्मद यूसुफ खान था, लेकिन उन्होंने फिल्मों के लिए अपना नाम दिलीप कुमार रख लिया. छह दशक के लंबे करियर में उन्होंने ‘मधुमति’, ‘देवदास’, ‘मुगल-ए-आजम’, ‘गंगा जमुना’, ‘राम और श्याम’ और ‘कर्मा’ समेत कई हिट फिल्में दीं. कई फिल्मों में ज्यादा भावुक किरदार निभाने के कारण दिलीप कुमार को ‘ट्रेजडी किंग’ के नाम से भी जाना जाता है. दिलीप कुमार अभिनीत अंतिम फिल्म वर्ष 1998 में आई ‘किला’ थी.
नोट- दिलीप कुमार को वर्ष 1991 में ‘पद्म भूषण’ और वर्ष 1994 में ‘दादा साहेब फाल्के’ पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया.
विदित हो कि फिल्मों में आने से पहले दिलीप कुमार का नाम मुहम्मद यूसुफ खान था, लेकिन उन्होंने फिल्मों के लिए अपना नाम दिलीप कुमार रख लिया. छह दशक के लंबे करियर में उन्होंने ‘मधुमति’, ‘देवदास’, ‘मुगल-ए-आजम’, ‘गंगा जमुना’, ‘राम और श्याम’ और ‘कर्मा’ समेत कई हिट फिल्में दीं. कई फिल्मों में ज्यादा भावुक किरदार निभाने के कारण दिलीप कुमार को ‘ट्रेजडी किंग’ के नाम से भी जाना जाता है. दिलीप कुमार अभिनीत अंतिम फिल्म वर्ष 1998 में आई ‘किला’ थी.
नोट- दिलीप कुमार को वर्ष 1991 में ‘पद्म भूषण’ और वर्ष 1994 में ‘दादा साहेब फाल्के’ पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया.
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