यूनेस्को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार-2014-(06-MAY-2013) C.A

| Tuesday, May 6, 2014
तुर्की के खोजी पत्रकार अहमत सिक (Ahmet Sik) को वर्ष 2014 के यूनेस्को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार (UNESCO Guillermo Cano World Press Freedom Prize) प्रदान किया गया.  यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन, United Nations Educational, Scientific and Cultural Organisation) महानिदेशक इरिना बोकोवा ने पुरस्कार के तहत उन्हें 25000 अमेरिकी डॉलर प्रदान किया. यह पुरस्कार पेरिस में 2 मई 2014 को दिया गया.

अहमत सिक ने वर्ष 1991 से 2011 के मध्य तुर्की के कई समाचार पत्रों में फ्रीलांसर पत्रकार के रूप में काम किया. वह तुर्की पत्रकार संघ के सदस्य हैं. 
 
यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) 
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र संघ का एक निकाय है. यूनेस्को का गठन 16 नवंबर 1945 को हुआ था. इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है.  इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है. 

भारत सरकार ने यूनेस्को के साथ सहयोग के लिए वर्ष 1949 में एक अंतरिम 'भारतीय राष्ट्रीय आयोग' (आईएनसीसीयू) का गठन किया, जिसे वर्ष 1951 में स्थायी स्वरूप दिया गया. आयोग में शिक्षा, प्राकृतिक विज्ञान, समाज विज्ञान, संस्कृति एंव संचार से संबधित पांच उप-आयोग हैं.
 
यूनेस्को का कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है.
 
यूनेस्को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार (UNESCO Guillermo Cano World Press Freedom Prize)
यूनेस्को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1997 में यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड द्वारा की गई थी. यह एक वार्षिक पुरस्कार है जो प्रतिवर्ष विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 3 मई को प्रदान किया जाता है. 

इसका वित्त पोषण गिलेरमो कानो इस्ज़ा फाउंडेशन (Guillermo Cano Isaza Foundation) और हेलिनिन स्नोमत फाउंडेशन (Helingin Sanomat Foundation) द्वारा किया जाता है.
 
वर्ष 2013 का यूनेस्को गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार इथियोपियाई पत्रकार रीयत अलेमु (Reeyot Alemu) को प्रदान किया गया था.



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