अमेरिका के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में 2 मई 2014 को आयोजित एक समारोह में चार भारतीय छात्रों
को 'हार्वर्ड बिजनेस पुरस्कार' से
सम्मानित किया गया.
हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में एमबीए की छात्रा एवं मेसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त कर चुकी अमृता सैगल को 18वें 'हार्वर्ड बिजनेस स्कूल न्यू वेंचर कंपिटीशन' के सोशल एंटरप्राइज वर्ग में विजेता चुना गया. अमृता सैगल ने अपने उपक्रम 'साथी' की शुरुआत इंजीनियर क्रिस्टीन कागेस्तु के साथ की थी. इसके तहत भारत में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए, बेकार केले के पेड़ के फाइबर के इस्तेमाल से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराया जाता है. अमृता सैगल और क्रिस्टीन कागेस्तु को 50 हजार अमेरिकी डॉलर (30 लाख रुपये) की इनामी राशि संयुक्त रूप से दी गई.
'बिजनेस ट्रैक' वर्ग में भारतीय छात्र सौरभ महाजन द्वारा शुरू किए गए उपक्रम 'अलफ्रेड' को विजेता चुना गया. 'अलफ्रेड' सेवा का इस्तेमाल लोग ड्राई क्लीनिंग, हाउस क्लीनिंग के लिए करते हैं. महाजन को उनके दो अन्य सहयोगियों के साथ संयुक्त रूप से पुरस्कार स्वरूप 50 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब तीस लाख रुपये) की राशि दी गई.
‘सोशल एंटरप्राइज’ वर्ग में एमबीए की भारतीय छात्रा मीरा मेहता को उनके उपक्रम 'टोमैटो जोस' के लिए विजेता घोषित किया गया. इस उपक्रम के तहत नाइजीरिया के छोटे किसानों को टमाटर की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाता है और इन टमाटरों का इस्तेमाल विभिन्न उत्पादों में किया जाता है.
‘बिजनेस वर्ग’ में एमबीए के भारतीय छात्र प्रीत कुमार के उपक्रम 'बुया फिटनेस' को विजेता चुना गया. 'बुया फिटनेस' फिटनेस के लिए वर्क आउट वीडियो उपलब्ध कराता है. प्रीत कुमार को पुरस्कार स्वरूप 25 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 15 लाख रुपये) की राशि दी गई.
विदित हो कि हार्वर्ड बिजनेस स्कूल द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य अमेरिकी संस्थानों के मौजूदा व पूर्व छात्रों को नया कारोबार व समाजिक प्रभाव उपक्रम शुरू करने में मदद करना है. इस प्रतियोगिता में मुख्य तीन श्रेणियां थीं- सबसे अभिनव, सबसे असरदार और बेहतरीन निवेश.
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