भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 1 अप्रैल 2014 को संचार उपग्रह इनसैट 3E का उपयोग बंद (Decommissioned) कर दिया.
संचार उपग्रह इनसैट 3E ने 10 वर्ष 6 महीने का अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर 29 मार्च 2014 से कार्य करना बंद कर दिया था. इसके पूर्व वर्ष 2009 से ही इनसैट 3E के 36 में से केवल 25 ट्रांसपोंडर ही ठीक से कार्य कर रहे थे.
विदित हो कि संचार उपग्रह इनसैट 3E को सितंबर 2003 में लांच किया गया था तथा उस समय इसकी निर्धारित उम्र 15 वर्ष आंकी गई थी. संचार उपग्रह इनसैट 3E तीसरी पीढ़ी का संचार उपग्रह था, जिसमे कुल 36 ट्रांसपोंडर लगे थे.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से संबंधित मुख्य तथ्य:-
वर्ष 1969 में स्थापित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष शोध संस्थान है. जिसका मुख्यालय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थित है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष से संबंधित शोध एवं तकनीक को बढ़ावा देना है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वर्तमान निदेशक के पद पर डॉ. के. राधाकृष्णन हैं. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्त्तमान में ध्रुवीय कृत्रिम उपग्रह प्रक्षेपण वाहन पी.एस.एल.वी. एवं जी.एस.एल.वी. की मदद से कृत्रिम एवं भू-स्थायी उपग्रह प्रक्षेपित करता है.
संचार उपग्रह इनसैट 3E ने 10 वर्ष 6 महीने का अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा कर 29 मार्च 2014 से कार्य करना बंद कर दिया था. इसके पूर्व वर्ष 2009 से ही इनसैट 3E के 36 में से केवल 25 ट्रांसपोंडर ही ठीक से कार्य कर रहे थे.
विदित हो कि संचार उपग्रह इनसैट 3E को सितंबर 2003 में लांच किया गया था तथा उस समय इसकी निर्धारित उम्र 15 वर्ष आंकी गई थी. संचार उपग्रह इनसैट 3E तीसरी पीढ़ी का संचार उपग्रह था, जिसमे कुल 36 ट्रांसपोंडर लगे थे.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से संबंधित मुख्य तथ्य:-
वर्ष 1969 में स्थापित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष शोध संस्थान है. जिसका मुख्यालय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थित है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का मुख्य कार्य भारत के लिये अंतरिक्ष से संबंधित शोध एवं तकनीक को बढ़ावा देना है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वर्तमान निदेशक के पद पर डॉ. के. राधाकृष्णन हैं. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्त्तमान में ध्रुवीय कृत्रिम उपग्रह प्रक्षेपण वाहन पी.एस.एल.वी. एवं जी.एस.एल.वी. की मदद से कृत्रिम एवं भू-स्थायी उपग्रह प्रक्षेपित करता है.
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