वरिष्ठ भारतीय जनसंख्याविद (डेमोग्राफर) आशीष बोस का 7 अप्रैल 2014 को दिल्ली
में निधन हो गया. वे 83 वर्ष के थे.
जनसंख्याविद आशीष बोस राजीव गाँधी सरकार के समय (वर्ष 1980) में प्रकाशित अपने एक शोध- पत्र में आर्थिक रूप से लचर राज्यों के मामलों में ‘बीमारू-राज्य’ शब्द के प्रयोग के लिए काफी प्रसिद्ध हुए.
‘बीमारू-राज्य’ शब्द का प्रयोग उस समय आशीष बोस ने बिहार, मध्य-प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर-प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में किया था. बाद में उन्होंने उडीसा को भी इसमें शामिल कर लिया था. आशीष बोस ने अति जनसंख्या वृद्धि को ‘बीमारू-राज्य’ के लिए जिम्मेवार तथ्य बताया था.
जनसंख्याविद आशीष बोस भारत सरकार के आर्थिक विकास संस्थान के जनसंख्या शोध विभाग में अध्यक्ष पद पर रहे. उन्होंने जनसंख्या एवं विकास से जुडी 25 शोध पुस्तकों की रचना की, जिसमें ग्रोइंग ओल्ड इंडिया: वायस रिवेल, स्टेटिक्स स्पिक एंड डार्कनेस एट नून:फीमेल फोटीसाइड प्रमुख है.
जनसंख्याविद आशीष बोस राजीव गाँधी सरकार के समय (वर्ष 1980) में प्रकाशित अपने एक शोध- पत्र में आर्थिक रूप से लचर राज्यों के मामलों में ‘बीमारू-राज्य’ शब्द के प्रयोग के लिए काफी प्रसिद्ध हुए.
‘बीमारू-राज्य’ शब्द का प्रयोग उस समय आशीष बोस ने बिहार, मध्य-प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर-प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में किया था. बाद में उन्होंने उडीसा को भी इसमें शामिल कर लिया था. आशीष बोस ने अति जनसंख्या वृद्धि को ‘बीमारू-राज्य’ के लिए जिम्मेवार तथ्य बताया था.
जनसंख्याविद आशीष बोस भारत सरकार के आर्थिक विकास संस्थान के जनसंख्या शोध विभाग में अध्यक्ष पद पर रहे. उन्होंने जनसंख्या एवं विकास से जुडी 25 शोध पुस्तकों की रचना की, जिसमें ग्रोइंग ओल्ड इंडिया: वायस रिवेल, स्टेटिक्स स्पिक एंड डार्कनेस एट नून:फीमेल फोटीसाइड प्रमुख है.
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