अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के उच्च शिक्षण
संस्थानों के लिए 4 मार्च, 2014 को ‘नालंदा परियोजना’ का शुभारंभ किया.
‘नालंदा परियोजना’ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का एक अभिनव संकाय विकास कार्यक्रम है. जिसका शुभारंभ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के.रहमान खान ने किया.
‘नालंदा परियोजना’ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का एक अभिनव संकाय विकास कार्यक्रम है. जिसका शुभारंभ अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के.रहमान खान ने किया.
‘नालंदा परियोजना’ शुभारंभ समारोह में अल्पसंख्यक मामले के राज्य मंत्री नियोग ऐरिंग, योजना आयोग की सदस्य सईदा हमीद और मंत्रालय के सचिव ललित के.पवार, अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एआर किदवई मौजूद थे.
‘नालंदा परियोजना’ की शुरुआत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शुरू किये जाने की घोषणा की गई.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय देश का एक प्रमुख अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय होने के साथ ही साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का एक प्रमुख नोडल स्टाफ कालेज भी है.
संकाय विकास कार्यक्रम से संबंधित मुख्य तथ्य
• संकाय विकास कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य संकाय उत्कृष्टता प्राप्त करना एवं इसके लिए संकाय सदस्यों को नए तरीके सीखने में मदद करना है.
• संकाय विकास कार्यक्रम शिक्षा, और समझ-विकास की एक सतत प्रक्रिया है.
• संकाय विकास कार्यक्रम में शिक्षा, संसाधन,सहयोग एवं समर्थन शामिल है.
• संकाय विकास कार्यक्रम उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत प्रभावशीलता का एक अनिवार्य तत्व है.
• संकाय विकास कार्यक्रम का लक्ष्य शैक्षिक क्रियाकलापों के माध्यम से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार करना तथा छात्र, संकाय सदस्य को औधोगिक जरूरतों के अनुकूल विकसित करने का प्रयास करना है. ताकि नई चुनौतियों का सामना किया जा सके.
• संकाय विकास कार्यक्रम का लक्ष्य शिक्षण नवाचारों के माध्यम से पेशेवर शैक्षिक विकास को बढ़ावा देना है.
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