महिला
और बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने नई दिल्ली में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ
दुष्कर्म की रोकथाम से संबंधित कार्यशाला का उद्घाटन 11 अक्टूबर 2013 को किया. इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय
श्रम संगठन (आईएलओ) के सहयोग से स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑन पब्लिक एन्टरप्राइजेज
(एससीओपीई) ने किया.
कार्यशाला से संबंधित मुख्य तथ्य
• कार्यशाला में विद्यालयों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों और आईएलओ के सदस्यों
ने भाग लिया.
• कार्यशाला में आईएलओ की निदेशक टिने स्टरमॉस ने भी भाग लिया.
• इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के सहयोग से स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑन पब्लिक एन्टरप्राइजेज (एससीओपीई) ने किया.
• कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की रोकथाम कानून-2013 को लागू कराने में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था.
• कार्यशाला में आईएलओ की निदेशक टिने स्टरमॉस ने भी भाग लिया.
• इसका आयोजन अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के सहयोग से स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑन पब्लिक एन्टरप्राइजेज (एससीओपीई) ने किया.
• कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की रोकथाम कानून-2013 को लागू कराने में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था.
विदित
हो कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म की रोकथाम, निषेध और निवारण कानून-2013 के लागू होने से महिलाओं
को सुरक्षा प्राप्त होनी है. इस कानून से कामकाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित
वातावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हर नियोक्ता की होनी है. यह कानून न केवल
दुष्कर्म की व्याख्या करता है, बल्कि शिकायतों के निवारण के
लिए भी कार्यप्रणाली बनाता है. इस कानून के कुछ प्रावधानों में संगठन के भीतर ही
स्थानीय शिकायत समितियों का गठन, 90 दिन में जांच प्रक्रिया
पूरी करने और दीवानी अदालतों के अधिकारों के समान ही शिकायत समितियों को अधिकार
प्रदान करना आदि शामिल हैं.
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