12 अक्टूबर: विश्व गठिया दिवस
विश्वभर
में विश्व गठिया दिवस (World Arthritis Day) 12 अक्टूबर 2013
को मनाया गया. इस अवसर पर संधिवात और गठिया जैसी बीमारियों से पीड़ित
लोगों की मदद के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए.
विश्व गठिया दिवस का उद्देश्य
विश्व
गठिया दिवस चिकित्सा समुदाय, मरीजों और आम जनता
के बीच इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है.
विश्व गठिया दिवस से संबंधित मुख्य तथ्य
• विश्व गठिया दिवस प्रतिवर्ष 12 अक्टूबर को विश्व भर
में मनुष्य में गठिया रोग से संबंधित भिन्न-भिन्न विष्यों पर ध्यान केंद्रित करने
हेतु मनाया जाता है.
• विश्व गठिया दिवस हमें जागरूक बनाता है कि जोड़ों के दर्द से निबटने का किस प्रकार प्रबंध किया जाए, ताकि हम दर्दरहित जीवन जी सकें.
• विश्व गठिया दिवस की स्थापना एआरआई (Arthritis and Rheumatism International) ने वर्ष 1996 में की थी.
• विश्व गठिया दिवस हमें जागरूक बनाता है कि जोड़ों के दर्द से निबटने का किस प्रकार प्रबंध किया जाए, ताकि हम दर्दरहित जीवन जी सकें.
• विश्व गठिया दिवस की स्थापना एआरआई (Arthritis and Rheumatism International) ने वर्ष 1996 में की थी.
गठिया क्या है?
गठिया
को संधि शोथ या जोड़ों में दर्द के रोग के रूप में भी जाना जाता है. गठिया के तहत
रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या
सूजन आ जाती है. इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी
पीड़ा होती है. इसके तहत रोगी को आक्रांत संधि में असह्य पीड़ा होती है, नाड़ी की गति तीव्र हो जाती है, ज्वर होता है,
वेगानुसार संधिशूल में भी परिवर्तन होता रहता है. इसकी उग्रावस्था
में रोगी एक ही आसन पर स्थित रहता है, स्थानपरिवर्तन तथा
आक्रांत भाग को छूने में भी बहुत कष्ट का अनुभव होता संधिशोथ प्राय: उन व्यक्तियों
में अधिक होता है जिनमें रोगरोधी क्षमता बहुत कम होती है. स्त्री और पुरुष दोनों
को ही समान रूप से यह रोग आक्रांत करता है.
0 comments:
Post a Comment