द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस: अरुंधती रॉय
लेखिका अरुंधती रॉय ने अक्टूबर 2016 के पहले सप्ताह में अपने दूसरे उपन्यास द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस की घोषणा की.
यह उपन्यास हमीश हैमिलटन यूके एवं पेंग्विन इंडिया द्वारा प्रकाशित किया जायेगा. यह उपन्यास जून 2017 में उपलब्ध होगा.
अरुंधती रॉय द्वारा 19 वर्ष पहले उनके उपन्यास द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स के लिए बुकर प्राइज मिलने के बाद दूसरा उपन्यास लिखा गया है.
लेखिका अरुंधती रॉय ने अक्टूबर 2016 के पहले सप्ताह में अपने दूसरे उपन्यास द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस की घोषणा की.
यह उपन्यास हमीश हैमिलटन यूके एवं पेंग्विन इंडिया द्वारा प्रकाशित किया जायेगा. यह उपन्यास जून 2017 में उपलब्ध होगा.
अरुंधती रॉय द्वारा 19 वर्ष पहले उनके उपन्यास द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स के लिए बुकर प्राइज मिलने के बाद दूसरा उपन्यास लिखा गया है.
अरुंधती रॉय
• अरुंधती रॉय को 1997 में प्रकाशित उनके उपन्यास द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स के लिए जाना जाता है. इस उपन्यास को 1997 में ही मैन बुकर प्राइज मिला था.
• वे एक राजनितिक कार्यकर्ता तथा मानव अधिकार कार्यकर्ता भी हैं.
• उन्होंने अपने करियर के शुरूआती दौर में टेलीविज़न और फिल्मों में काम किया.
• उन्हें 1988 में विच एनी गिव्स इट दोज़ वंस के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखन हेतु नेशनल फिल्म अवार्ड मिला था.
• अरुंधती रॉय को 1997 में प्रकाशित उनके उपन्यास द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स के लिए जाना जाता है. इस उपन्यास को 1997 में ही मैन बुकर प्राइज मिला था.
• वे एक राजनितिक कार्यकर्ता तथा मानव अधिकार कार्यकर्ता भी हैं.
• उन्होंने अपने करियर के शुरूआती दौर में टेलीविज़न और फिल्मों में काम किया.
• उन्हें 1988 में विच एनी गिव्स इट दोज़ वंस के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा लेखन हेतु नेशनल फिल्म अवार्ड मिला था.
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