रूस द्वारा 8 अक्टूबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के अलेप्पो शहर पर की जा रही बमबारी रोकने के प्रस्ताव पर वीटो का प्रयोग किया.
यह प्रस्ताव फ़्रांस एवं स्पेन द्वारा लाया गया था. इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 मत डाले गये जबकि रूस एवं वेनेज़ुएला ने इसके खिलाफ मतदान दिया. चीन एवं अंगोला अनुपस्थित रहे. पिछले पांच वर्षों में सीरिया में चल रहे युद्ध को रोकने के लाये गये प्रस्ताव पर रूस द्वारा पांचवी बार वीटो लगाया गया.
यह प्रस्ताव फ़्रांस एवं स्पेन द्वारा लाया गया था. इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 मत डाले गये जबकि रूस एवं वेनेज़ुएला ने इसके खिलाफ मतदान दिया. चीन एवं अंगोला अनुपस्थित रहे. पिछले पांच वर्षों में सीरिया में चल रहे युद्ध को रोकने के लाये गये प्रस्ताव पर रूस द्वारा पांचवी बार वीटो लगाया गया.
गौरतलब है कि इससे पूर्व सुरक्षा परिषद में लाये गये चार प्रस्तावों में सीरियाई सरकार को बचाने के लिए चीन ने रूस के प्रयास का समर्थन किया था.
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार अलेप्पो के पूर्वी भाग में एक लाख बच्चों सहित 2,75,000 नागरिक फंसे हुए हैं. संघर्षरत सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के दूत स्टीफेन डी मिस्तुरा की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई. मिस्तुरा द्वारा अपना पक्ष रखते हुए कहा गया कि यदि हमले इसी प्रकार जारी रहे तो अधिकतम दो महीने या ढाई महीने में अलेप्पो शहर पूरी तरह से नष्ट हो जायेगा.
इसके अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किये गये एक अन्य प्रस्ताव में सभी पक्षों से संघर्ष विराम लगाने के लिए आग्रह किया गया तथा मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी सदस्य देशों से कहा गया.
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