पाकिस्तान में ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक पारित-(08-OCT-2016) C.A

| Saturday, October 8, 2016
Pakistan-Honour-Killing-Billपाकिस्तान संसद के संयुक्त सत्र में 6 अक्टूबर 2016 को दो विधेयक पारित किये गये. इनमे पहले विधेयक के अंतर्गत ऑनर के नाम पर हत्या किये जाने के खिलाफ कानून लाया गया. दूसरा, अपराधियों की डीएनए द्वारा पहचान करके उन्हें सज़ा दिलाना.

दोनों विधेयकों के शीर्षक हैं - आपराधिक कानून संशोधन (ऑनर के नाम पर किये जाने वाले अपराध) अधिनियम 2016 एवं बलात्कार विरोधी (अपराधिक कानून संशोधन) अधिनियम 2016.

ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक

इसके अनुसार, ऑनर किलिंग में शामिल परिवार के लोगों को अनिवार्य रूप से आजीवन कारावास (25 वर्ष) की सज़ा दी जाएगी. वर्तमान कानूनों के तहत, दोषी परिवार वालों को पीड़ित परिवार से मिली माफ़ी के बाद कोई सज़ा नहीं दी जाती थी. लेकिन नये कानून के तहत यदि पीड़ित परिवार माफ़ी भी दे देगा तो भी आजीवन कारावास अनिवार्य होगा, इस माफ़ी से केवल फांसी की सज़ा से छूट प्राप्त होगी.
बलात्कार विरोधी विधेयक

विधायिका द्वारा पारित कानून में आरोपी की पहचान हेतु डीएनए टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया. एक अन्य संशोधन में पुलिस स्टेशन में किये जाने वाले बलात्कार की स्थिति में तथा नाबालिक एवं मानसिक रूप से दिव्यांग के साथ होने वाले बलात्कार में सज़ा की अवधि बढाई गयी. इस संशोधन द्वारा सेक्स वर्कर्स को भी बलात्कार के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की गयी है. 

हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार केवल 2 प्रतिशत बलात्कार मामलों में ही सुनवाई होती है जबकि 98 प्रतिशत मामलों में कोई सुनवाई नहीं होती. अब तक जांच में डीएनए टेस्ट नहीं किये जाते थे जिसके चलते अपराधियों को उचित दंड नहीं दिया जाता था.

दोनों ही विधेयक सीनेटर सुघरा इमाम द्वारा प्रस्तुत किये गये एवं इन्हें आमसहमति से पारित कर दिया गया. इमाम की सेवा अवधि समाप्त होने के पश्चात् फराहतुल्लाह बाबर द्वारा इसे संयुक्त अधिवेशन में प्रस्तुत किया गया. 

पाकिस्तान के मानव अधिकार आयोग के अनुसार वर्ष 2015 में लगभग 1100 महिलाओं को उनके परिजनों द्वारा ऑनर के नाम पर मार डाला गया जबकि बहुत से मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई जाती इसलिए उनके आंकड़े भी उपलब्ध नहीं हैं.

0 comments:

Post a Comment