नोबल पुरस्कार संस्था ने 4 अक्टूबर 2016 को वर्ष 2016 के भौतिकी नोबल पुरस्कार हेतु डेविड थोलुज, डेंकन हेल्डन और माइकल कोस्टरलिट्ज का चयन किया. उन्हें पदार्थ और द्रव्य अवस्थाओं पर शोध हेतु यह पुरस्कार दिया गया.
डेविड जे थोलुज, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन में प्रोफेसर हैं. एफ डंकन एम हेल्डन प्रिन्सटन यूनिवर्सिटी, अमेरिका में भौतिकी के प्रोफेसर हैं. जे माइकल कोस्टरलिट्ज ब्राउन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं. यह तीनों संयुक्त रूप से 8 मिलियन स्वीडिश क्रोनोर का पुरस्कार साझा करेंगे.
डेविड जे थोलुज, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन में प्रोफेसर हैं. एफ डंकन एम हेल्डन प्रिन्सटन यूनिवर्सिटी, अमेरिका में भौतिकी के प्रोफेसर हैं. जे माइकल कोस्टरलिट्ज ब्राउन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं. यह तीनों संयुक्त रूप से 8 मिलियन स्वीडिश क्रोनोर का पुरस्कार साझा करेंगे.
विजेताओं द्वारा की गयी खोज
• सभी तीनों विजेताओं ने भौतिकी में खोज हेतु टोपोलॉजिकल अवधारणाओं का प्रयोग किया.
• 1970 के शुरूआती वर्षों में माइकल कोस्टरलिट्ज एवं डेविड थोलुज ने इस अवधारणा को बदला कि सुपरकंडक्टिविटी पतली परतों में नहीं पाई जाती.
• इन वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही खोज अभी शोध के स्तर पर है लेकिन भविष्य में उनकी खोज का प्रयोग पदार्थ विज्ञान में किया जा सकेगा.
• यदि उनकी खोज सफल रही तो भविष्य में वर्तमान से भी छोटे कंप्यूटर और फोन बनाये जा सकेंगे.
• इन तीनों वैज्ञानिकों की खोज तत्वों की डिजाइनिंग की अवस्था से सम्बंधित है.
• सभी तीनों विजेताओं ने भौतिकी में खोज हेतु टोपोलॉजिकल अवधारणाओं का प्रयोग किया.
• 1970 के शुरूआती वर्षों में माइकल कोस्टरलिट्ज एवं डेविड थोलुज ने इस अवधारणा को बदला कि सुपरकंडक्टिविटी पतली परतों में नहीं पाई जाती.
• इन वैज्ञानिकों द्वारा की जा रही खोज अभी शोध के स्तर पर है लेकिन भविष्य में उनकी खोज का प्रयोग पदार्थ विज्ञान में किया जा सकेगा.
• यदि उनकी खोज सफल रही तो भविष्य में वर्तमान से भी छोटे कंप्यूटर और फोन बनाये जा सकेंगे.
• इन तीनों वैज्ञानिकों की खोज तत्वों की डिजाइनिंग की अवस्था से सम्बंधित है.

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