झारखंड 1 अक्टूबर 2016 को केरोसिन में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण करने वाला देश का पहला राज्य बना. अभी यह योजना राज्य के चार जिलों चत्रा, हजारीबाग, खूंटी एवं जामतारा में लागू की जाएगी.
पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस योजना के अंतर्गत केरोसिन को बिना सब्सिडी के बेचा जायेगा तथा सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी को उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजा जायेगा. इस योजना का उद्देश्य बिना किसी धांधली के केरोसिन उचित दाम पर उपलब्ध कराना है.
पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस योजना के अंतर्गत केरोसिन को बिना सब्सिडी के बेचा जायेगा तथा सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी को उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजा जायेगा. इस योजना का उद्देश्य बिना किसी धांधली के केरोसिन उचित दाम पर उपलब्ध कराना है.
उद्देश्य: इसके अनुसार उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से तथा बिना कालाबाजारी के उन्हें केरोसिन उपलब्ध कराना है. साथ ही किरोसिन में की जाने वाली मिलावट को रोकना भी इसका उद्देश्य है.
योजना: केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2016 को 9 राज्यों के 33 जिलों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना को आरंभ किये जाने की घोषणा की थी. यह नौ राज्य हैं – छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान एवं गुजरात.
इस योजना को लागू किये जाने की तिथि आगे इसलिए बढ़ाई गयी क्योंकि इन राज्यों में लोगों के पास बैंक अकाउंट एवं आधार नम्बर नहीं थे.
इस योजना के अनुसार राज्यों को पहले दो वर्षों में 75 प्रतिशत राजकोषीय सब्सिडी, तीसरे वर्ष में 50 प्रतिशत तथा सब्सिडी का 25 प्रतिशत चौथे वर्ष में सुरक्षित किया जायेगा.
योजना: केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2016 को 9 राज्यों के 33 जिलों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना को आरंभ किये जाने की घोषणा की थी. यह नौ राज्य हैं – छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान एवं गुजरात.
इस योजना को लागू किये जाने की तिथि आगे इसलिए बढ़ाई गयी क्योंकि इन राज्यों में लोगों के पास बैंक अकाउंट एवं आधार नम्बर नहीं थे.
इस योजना के अनुसार राज्यों को पहले दो वर्षों में 75 प्रतिशत राजकोषीय सब्सिडी, तीसरे वर्ष में 50 प्रतिशत तथा सब्सिडी का 25 प्रतिशत चौथे वर्ष में सुरक्षित किया जायेगा.
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