केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू द्वारा 6 अगस्त 2016 को स्वच्छता एवं संबंधित शहरी स्थानीय निकायों द्वारा किए गए प्रयासों के स्तरों के आधार पर 500 नगरों एवं शहरों का आकलन करने तथा उन्हें श्रेणीबद्ध करने के लिए ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2017’का शुभारंभ किया गया.
इस अवसर पर सर्वेक्षण की सहायता के लिए विभिन्न प्रकाशनों एवं मोबाइल एप्लीकेशनों को भी जारी किया गया.
इस अवसर पर सर्वेक्षण की सहायता के लिए विभिन्न प्रकाशनों एवं मोबाइल एप्लीकेशनों को भी जारी किया गया.
स्वच्छ सर्वेक्षण-2017
• एक लाख और उससे अधिक की आबादी वाले नगरों, विरासत एवं पर्यटन शहरों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया गया है जो कि स्वच्छ भारत मिशन प्रारंभ होने के बाद से दूसरा सर्वेक्षण है.
• नगरों की रैंकिंग शहरी स्थानीय निकायों द्वारा शौचालयों के निर्माण, नागरिकों के फीडबैक एवं स्वच्छता स्तरों के स्वतंत्र अवलोकन की दिशा में की गई प्रगति के आधार पर की जाएगी.
• वेब पोर्टल ‘स्वच्छता एप्प’ एवं ‘स्वच्छता हेल्प लाइन 1996’ आरंभ किया गया. इससे नागरिकों को शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने में सक्षम बनाया जा सकेगा.
शौचालयों के उपयोग की दिशा में व्यववहारगत बदलाव के लिए आवश्यकता पर बल देने हेतु ‘असली तरक्की’ अभियान का आरंभ किया गया. अक्टूबर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन के बाद से 21 लाख परिवारों के एकल शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है जबकि अन्य 21 लाख शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इस मिशन का लक्ष्य 2019 तक 1.04 करोड़ शौचालयों का निर्माण करना है.
• एक लाख और उससे अधिक की आबादी वाले नगरों, विरासत एवं पर्यटन शहरों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया गया है जो कि स्वच्छ भारत मिशन प्रारंभ होने के बाद से दूसरा सर्वेक्षण है.
• नगरों की रैंकिंग शहरी स्थानीय निकायों द्वारा शौचालयों के निर्माण, नागरिकों के फीडबैक एवं स्वच्छता स्तरों के स्वतंत्र अवलोकन की दिशा में की गई प्रगति के आधार पर की जाएगी.
• वेब पोर्टल ‘स्वच्छता एप्प’ एवं ‘स्वच्छता हेल्प लाइन 1996’ आरंभ किया गया. इससे नागरिकों को शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने में सक्षम बनाया जा सकेगा.
शौचालयों के उपयोग की दिशा में व्यववहारगत बदलाव के लिए आवश्यकता पर बल देने हेतु ‘असली तरक्की’ अभियान का आरंभ किया गया. अक्टूबर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन के बाद से 21 लाख परिवारों के एकल शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है जबकि अन्य 21 लाख शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इस मिशन का लक्ष्य 2019 तक 1.04 करोड़ शौचालयों का निर्माण करना है.
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