1 से 7 अगस्त: विश्व स्तनपान सप्ताह:
विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र बालकोष की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाया जाता है. वर्ष 2016 का विषय ‘ब्रैस्ट फीडिंग: ए की टू सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Breastfeeding: A key to Sustainable Development) रखा गया. शिशुओं के पोषण के लिए स्तनपान को सर्वोत्तम साधन के रूप में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन बच्चों को छह महीने का होने तक केवल स्तनपान पर रखने और दो वर्ष या उसके बाद तक पोषक पूरक आहार के साथ ही स्तनपान जारी रखने की सिफारिश करता है. विश्व स्तनपान सप्ताह पहली बार वर्ष 1992 में मनाया गया था.
स्तनपान का महत्त्व:
पूरे विश्व में लगभग 38 प्रतिशत बच्चे ही 6 माह तक स्तनपान कर पाते हैं. स्तनपान बच्चों की केवल संक्रमण से ही रक्षा नहीं करता बल्कि मोटापे से भी दूर रखता है. इसके अलावा बाद के वर्षों में उनमें अस्थमा, मधुमेह और दिल की बीमारियां होने का खतरा भी कम करता है.
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन शिशु तथा बच्चों को स्तनपान कराने पर जोर दे रहा है हालांकि सभी माताएं स्तनपान करा सकती हैं लेकिन कई माताओं में यह गलतफहमी होती है कि माँ के दूध की बजाय दूसरी चीजों से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है.
पूरे विश्व में माँ और बच्चे के स्वास्थय को बेहतर रखने के लिए मॉं के दूध के स्थान पर दिये जाने वाले दूसरे सभी खाद्य पदार्थों को हटाने और स्तनपान को बढ़ावा दिये जाने का प्रयास किया जा रहा है.
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