असम कृषि अनुसंधान विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने धान की दो किस्मों रंजीत सब-1 एवं बहादुर सब-1 का विकास किया. धान की इन किस्मों को राज्य की बराक वैली में बेहतर पैदावार प्राप्त करने हेतु विकसित किया गया.
असम के विभिन्न भागों में, विशेषकर बराक वैली, आकस्मिक बाढ़ आने से धान की फसल की बर्बादी होती है.
असम के विभिन्न भागों में, विशेषकर बराक वैली, आकस्मिक बाढ़ आने से धान की फसल की बर्बादी होती है.
धान की दो किस्में
• यह दोनों किस्में जलमग्न क्षेत्रों में खरीफ सीजन के दौरान उत्तम हैं.
• यह किस्में रंजीत एवं बहादुर का उन्नत रूप है. इन दोनों किस्मों को राज्य के किसान वर्षों से प्रयोग कर रहे हैं.
• इस दौरान एक अन्य किस्म का भी विकास किया गया जिससे आकस्मिक बाढ़ के समय पैदावार को जारी रखा जा सके.
• यह दोनों किस्में जलमग्न क्षेत्रों में खरीफ सीजन के दौरान उत्तम हैं.
• यह किस्में रंजीत एवं बहादुर का उन्नत रूप है. इन दोनों किस्मों को राज्य के किसान वर्षों से प्रयोग कर रहे हैं.
• इस दौरान एक अन्य किस्म का भी विकास किया गया जिससे आकस्मिक बाढ़ के समय पैदावार को जारी रखा जा सके.
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