वयोवृद्ध नाटककार और निर्देशक रतन थियम 1 मार्च 2016 को महिंद्रा उत्कृष्टता पुरस्कार रंगमंच (मेटा) के 11 वें संस्करण हेतु थिएटर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए नामित किए गए.
- उन्हें थियेटर के क्षेत्र में नई भाषा का प्रयोग करने और विभिन्न भूमिकाओं लेखक, निर्देशक, डिजाइनर, संगीतकार और कोरियोग्राफर के रूप में कला को समृद्ध बनाने हेतु इस पुरस्कार के लिए चुना गया.
- वर्तमान में वह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के अध्यक्ष हैं.
- पूर्व में यह पुरस्कार महान कलाकर जोहरा सहगल, बादल सरकार, खालिद चौधरी, इब्राहिम अल्काजी, गिरीश कर्नाड और हीसनम कन्हाई लाल को थिएटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए के लिए दिया गया.
मेटा पुरस्कार के बारे में-
- मेटा पुरस्कार, महिंद्रा समूह द्वारा स्थापित भारतीय रंगमंच के प्रमुख पुरस्कारों में से एक है. यह पुरस्कार थिएटर और मंच शिल्प के सभी पहलुओं पर काम करने वाले उत्कृष्ट कलाकारों को प्रदान किया जाता है.
- पुरस्कार के तहत उत्कृष्ट कलाकार को एक विशेष रूप से डिजाइन की गयी ट्रॉफी और एक लाख रुपए प्रदान किया जाता है. सर्वश्रेष्ठ मूल नाटककार को 75000 रुपये और अन्य सभी पुरस्कार श्रेणियों हेतु 45000 रुपये का चेक प्रदान किया जाता है.
- महिंद्रा समूह का उद्देश्य मेटा के माध्यम से भारतीय रंगमंच के बारे में जागरूकता बढ़ाने, कलाकारों की कला की सराहना, पुरस्कृत करने और भारतीय थिएटर को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है.
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