पेरू सरकार ने 28 फरवरी 2016 को देश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में कच्चे तेल की एक बड़ी पाइपलाइन के फटने के कारण नदियों में हो रहे तेल के रिसाव के कारण देश में आपातकाल की घोषणा की.
इससे चिरियाको एवं मोरोना नदियों में 3000 बैरल कच्चा तेल रिसाव होने के कारण देश में दैनिक उपयोग हेतु लाये जाने वाले पानी का संकट उत्पन्न हो गया.
सरकार ने एहतियात के रूप में इन नदियों से पकड़ी गयी मछली ना खाने की चेतावनी जारी की.
यह पाइपलाइन प्रतिदिन 5,000 से 6,000 बैरल कच्चा तेल सप्लाई करती है जो पेट्रो पेरू (सरकारी कंपनी) के अधीन कार्यरत है.
इससे चिरियाको एवं मोरोना नदियों में 3000 बैरल कच्चा तेल रिसाव होने के कारण देश में दैनिक उपयोग हेतु लाये जाने वाले पानी का संकट उत्पन्न हो गया.
सरकार ने एहतियात के रूप में इन नदियों से पकड़ी गयी मछली ना खाने की चेतावनी जारी की.
यह पाइपलाइन प्रतिदिन 5,000 से 6,000 बैरल कच्चा तेल सप्लाई करती है जो पेट्रो पेरू (सरकारी कंपनी) के अधीन कार्यरत है.
यह पिछले एक माह में तीसरा तेल रिसाव है जिससे देश की नदियों को क्षति पहुंची एवं जनजीवन प्रभावित हुआ.
इससे पहले 25 जनवरी 2016 को उत्तरी पेरू में पाइपलाइन के रिसाव से एमेज़ोना क्षेत्र में 2000 से 3000 बैरल क्रूड आयल प्रतिदिन नदियों में गिर रहा था.
इसके पश्चात् 3 फरवरी 2016 को दतेम डेल मैरानोन क्षेत्र में मयूरियागा एवं मोरोना नदियों में जल रिसाव से यहां का जनजीवन प्रभावित रहा.
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