पहला अंतरराष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट 2 फरवरी 2016 को अगरतला में सम्पन्न हो गया.
इस पांच दिवसीय टूर्नामेंट का आयोजन ऑल त्रिपुरा पेरेंट्स चेस फोरम ने खेजुरबागन स्थित शहीद भगत सिंह यूथ हॉस्टल में किया था.
इस पांच दिवसीय टूर्नामेंट का आयोजन ऑल त्रिपुरा पेरेंट्स चेस फोरम ने खेजुरबागन स्थित शहीद भगत सिंह यूथ हॉस्टल में किया था.
यह इस राज्य का पहला बड़ा शतरंज टूर्नामेंट था इसमें पश्चिम बंगाल, मणिपुर, असम, मिजोरम, दिल्ली और पंजाब जैसे विभिन्न अन्य राज्यों से लगभग 139 खिलाड़ियों ने भाग लिया.
टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करन और इस खेल में कैरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और युवा पीढ़ी के बीच शतरंज के प्रसार को बढ़ावा देना, राज्य में शतरंज के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करना और स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना है.
टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करन और इस खेल में कैरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और युवा पीढ़ी के बीच शतरंज के प्रसार को बढ़ावा देना, राज्य में शतरंज के बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करना और स्थानीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना है.
ज्ञात हो त्रिपुरा देश का तीसरा सबसे छोटा राज्य है इसकी लगभग एक-तिहाई आबादी अनुसूचित जनजाती से है.
समापन समारोह के दौरान विजेताओं को त्रिपुरा के युवा मामले और खेल मंत्री जाहिद चौधरी ने सम्मानित किया.
राज्य के स्थानीय दिग्गज शतरंज खिलाड़ी प्रसेनजीत दत्ता पहले स्थान पर रहे और चैंपियन बने. पुरस्कार के रूप में उन्हें 30000 रुपए प्रदान किए गए.
समापन समारोह के दौरान विजेताओं को त्रिपुरा के युवा मामले और खेल मंत्री जाहिद चौधरी ने सम्मानित किया.
राज्य के स्थानीय दिग्गज शतरंज खिलाड़ी प्रसेनजीत दत्ता पहले स्थान पर रहे और चैंपियन बने. पुरस्कार के रूप में उन्हें 30000 रुपए प्रदान किए गए.
प्रतियोगिता के परिणाम के अनुसार रेटिंग अखिल भारतीय शतरंज संघ द्वारा जारी की जाएगी.
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