भारत-नेपाल समझौता समीक्षा हेतु चार सदस्यीय ईपीजी का गठन-(16-JAN-2016) C.A

| Saturday, January 16, 2016
नेपाल सरकार ने 14 जनवरी 2016 को भारत-नेपाल समझौता समीक्षा हेतु चार सदस्यीय ईपीजी का गठन किया. इसके तहत फरवरी 2016 में होने वाली नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. ओली की भारत यात्रा से पहले वहां की सरकार ने वर्ष 1950 की रणनीतिक शांति एवं मैत्री संधि समेत भारत के साथ के वर्तमान द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों के चार सदस्यीय समूह के गठन का फैसला किया. प्रधानमंत्री बनने के बाद ओली विदेश की अपनी किसी पहली यात्रा के रुप में भारत आएंगे.
नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री और भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत भेष बहादुर थापा, जांच आयोग प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष सूर्य नाथ उपाध्याय, पूर्व संयुक्त राष्ट्र सहायक महासचिव कुल चंद्र गौतम और सीपीएन-यूएमएल सांसद राजन भट्टराई के नाम ईपीजी के लिए प्रस्तावित किए गए हैं.
विश्लेषण:
वर्ष 1950 की शांति एवं मैत्री संधि में दोनों देशों के बीच लोगों एवं सामानों की निर्बाध आवाजाही तथा रक्षा एवं विदेश नीति के मामलों में घनिष्ट संबंध एवं सहयोग की व्यवस्था है. ईपीजी गठन का प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब सरकार फरवरी के दूसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारी में जुटी है. ओली की भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंध में बड़ी असहजता के बीच हो रही है और इस असहजता की वजह भारतीय मूल के मधेसियों द्वारा महीनों से नेपाल पर लगायी गयी नाकेबंदी है. मधेसी नेपाल के नये संविधान का विरोध कर रहे हैं. जुलाई, 2014 में नेपाल भारत संयुक्त आयोग ने अपनी तीसरी बैठक में नेपाल के अनुरोध पर ईपीजी के गठन का फैसला किया था जिसमें दोनों पक्षों से चार-चार सदस्य होंगे.

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