देश की राजधानी दिल्ली में ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू होने के बाद इस प्रयोग का असर 11 जनवरी 2016 को पड़ोसी शहर रोहतक में भी दिखाई दिया. हरियाणा के रोहतक में ऑड-इवन सिस्टम को ऑटो पर लागू कर दिया.
- इस प्रयोग का दिल्ली के पड़ोसी शहर रोहतक में उद्देश्य अलग है.
- यह प्रयोग दिल्ली की तरह निजी वाहनों पर लागू नहीं है. सोमवार को केवल ऑड नंबर के ऑटो चलेंगे.
- ज़िले में करीब 11 हज़ार ऑटो रिक्शा चलते हैं.
- आम लोगों की शिकायतें है कि इन ऑटो रिक्शा के चलते शहर में काफी जाम लगा रहता है. जाम से निजात पाने के लिए ऑड नंबर वाले ऑटो चलेंगे.”
- रोहतक में यह प्रयोग साप्ताह में एक दिन किया जाएगा. अगले सोमवार यानी 18 जनवरी को केवल ईवन नंबर वाले ऑटो चलेंगे.
- प्रयोग से अच्छा फीडबैक मिलता है तो इसे सप्ताह के अन्य दिनों में भी लागू किया जा सकता हैं.
- प्राइवेट वाहनों के लिए भी इसे इस्तेमाल करने पर विचार किया जा सकता हैं.
- उद्देश्य तो जाम से मुक्ति पाने का है किन्तु रोहतक में ऑड-ईवन के प्रयोग से प्रदूषण भी कम करने होगा.
पहले भी लागू की जा चुकी है यह योजना-
- सम-विषम योजना 15 साल पहले भी रोहतक में ऑटो रिक्शा के लिए लागू की गई थी
- अब इसकी रोहतक में एक बार पुन: शुरुआत की गई है.
- उस समय रोहतक के तत्कालीन डीसी एवं वर्तमान में प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने इस योजना को सिरे चढ़ाया था.
- ऑटो रिक्शा चालकों के विरोध के चलते यह योजना सिर्फ छह माह तक ही चल पाई.
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