8 दिसंबर 2015 को यस बैंक लिमिटेड ने क्लाइमेट एक्शन के लिए 2020 तक 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की घोषणा की. क्लाइमेट एक्शन के न्यूनीकरण, अनुकूलन और लचीलेपन हेतु बैंक ऋण देगी, निवेश करेगी और पूंजी जुटाएगी.
यह घोषणा सीओपी 21 जलवायु शिखर सम्मेलन के अवसर पर की गयी थी .
यह घोषणा सीओपी 21 जलवायु शिखर सम्मेलन के अवसर पर की गयी थी .
इसके अलावा समग्र प्रभाव को प्राप्त करने और भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अंशदान (आईएनडीसी) लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बैंक ने 2020 तक निम्नलिखित लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई हैः
• 5000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा के वित्त पोषण का लक्ष्य
• अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में अक्षय ऊर्जा का प्रतिशत धीरे– धीरे बढ़ाना
• 20 लाख पौधे लगाकर कार्बन सिंक बनाने की दिशा में योगदान
• सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल कार्यक्रम के माध्यम से 100 मिलियन लोगों तक पहुंचना
• बैंक के कामकाज से कार्बन उत्सर्जन का समायोजन
• अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में अक्षय ऊर्जा का प्रतिशत धीरे– धीरे बढ़ाना
• 20 लाख पौधे लगाकर कार्बन सिंक बनाने की दिशा में योगदान
• सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल कार्यक्रम के माध्यम से 100 मिलियन लोगों तक पहुंचना
• बैंक के कामकाज से कार्बन उत्सर्जन का समायोजन
क्लाइमेट एक्शन की दिशा में यस बैंक की प्रतिबद्धता
2022 तक 175 गीगावाट अक्षय ऊर्जा प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य से यहां जलवायु वित्त पोषण की तेजी से बढ़ती जरुरतों का पता चलता है.
सबसे युवा भारतीय निजी क्षेत्र बैंक और पिछले 17 वर्षों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ग्रीनफिल्ड बैंकिंग लाइसेंस से सम्मानित किया जाने वाला एकमात्र बैंक होने के नाते जलवायु कार्रवाई के प्रति यस बैंक की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है.
सितंबर 2014 मे संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में यस बैंक ने सालाना 500 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा के वित्त पोषण लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी और इसे वह पहले ही प्राप्त कर चुका है. यस बैंक ने बांग्लादेश और श्रीलंका समेत कई देशों में योग्य हरित परियोजानाओं के वित्त पोषण के लिए 1315 करोड़ रुपये मूल्य के ग्रीन बांड भी जारी किए हैं.
इन प्रतिबद्धताओं के माध्यम से बैंक ने पर्यावरण की समग्र स्थिरता को मजबूत बनाने का वादा किया है.
सबसे युवा भारतीय निजी क्षेत्र बैंक और पिछले 17 वर्षों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ग्रीनफिल्ड बैंकिंग लाइसेंस से सम्मानित किया जाने वाला एकमात्र बैंक होने के नाते जलवायु कार्रवाई के प्रति यस बैंक की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है.
सितंबर 2014 मे संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में यस बैंक ने सालाना 500 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा के वित्त पोषण लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी और इसे वह पहले ही प्राप्त कर चुका है. यस बैंक ने बांग्लादेश और श्रीलंका समेत कई देशों में योग्य हरित परियोजानाओं के वित्त पोषण के लिए 1315 करोड़ रुपये मूल्य के ग्रीन बांड भी जारी किए हैं.
इन प्रतिबद्धताओं के माध्यम से बैंक ने पर्यावरण की समग्र स्थिरता को मजबूत बनाने का वादा किया है.
यस बैंक के बारे में
• यस बैंक भारत का निजी क्षेत्र का पांचवां सबसे बड़ा बैंक है. भारत के सभी 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में इसकी शाखाएं हैं.
• इसका मुख्यालय लोअर परेल इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट (एलपीआईडी) मुंबई में है.
• बैंकिंग के लिए इस बैंक में ज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाता है और अपने खुदरा, कॉरपोरेट और उभरते हुए कॉरपोरेट बैंकिंग ग्राहकों को यह बेहतरीन ग्राहक अनुभव की पेशकश करता है.
• इसका मुख्यालय लोअर परेल इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट (एलपीआईडी) मुंबई में है.
• बैंकिंग के लिए इस बैंक में ज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाता है और अपने खुदरा, कॉरपोरेट और उभरते हुए कॉरपोरेट बैंकिंग ग्राहकों को यह बेहतरीन ग्राहक अनुभव की पेशकश करता है.
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