प्रधानमंत्री ने कृषि विशेषज्ञ प्रोफेसर रमेश चन्द की नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी.
वह नीति आयोग के अंतर्गत कृषि विकास पर कार्यबल के सदस्य हैं जो कृषि क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए रणनीतियां तैयार कर रहा है. रमेश चन्द न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार के पैनल के प्रमुख रह चुके हैं और वर्ष 2010 से नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि आर्थिक संस्थान और अनुसंधान नीति के निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन किया गया. अरविन्द पनगढि़या इसके उपाध्यक्ष हैं जबकि अर्थशास्त्री विवेक देव राय और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख वी के सारस्वत के साथ कृषि विशेषज्ञ रमेश चन्द अब इसके पूर्णकालिक सदस्य होंगे.
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई)
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई) की स्थारपना भारत सरकार ने 65 वर्ष पुरानी संस्था योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को की. भारत सरकार ने यह कदम राज्ये सरकारों, विशेषज्ञों तथा प्रासंगिक संस्थाथनों सहित सभी हितधारकों से व्याकपक विचार विमर्श के बाद उठाया.
नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान, एनआईटीआई) की स्थारपना भारत सरकार ने 65 वर्ष पुरानी संस्था योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को की. भारत सरकार ने यह कदम राज्ये सरकारों, विशेषज्ञों तथा प्रासंगिक संस्थाथनों सहित सभी हितधारकों से व्याकपक विचार विमर्श के बाद उठाया.
भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्री य भारत परिवर्तन संस्थान (नीति आयोग) के अध्यक्ष होंगे. इस संस्था में एक उपाध्यक्ष तथा एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) होगा. उपाध्यक्ष की नियुक्ति आयोग का अध्यक्ष करेगा.
आयोग में संचालन परिषद होगी, जिसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केन्द्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों को शामिल किया जाएगा. यह संचालन परिषद राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करेगी.
राज्यों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताएं तैयार करने आयोग में अधिकतम पांच पूर्णकालिक सदस्य और दो अंशकालिक सदस्य होंगे जबकि चार केंद्रीय मंत्री इसके पदेन सदस्य होंगे.
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